रिया सिन्हा: भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे ने हाल ही में भारत और भूटान के संबंधों पर एक बड़ा और सकारात्मक बयान दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा है कि दोनों देशों के बीच मैत्रीपूर्ण और घनिष्ठ संबंध हैं, जो पहले कभी नहीं थे। यह बयान दोनों देशों के बीच सदियों पुराने विश्वास और सहयोग को दर्शाता है। तोबगे ने इस बात पर भी हैरानी व्यक्त की कि एक छोटी आबादी और अर्थव्यवस्था वाले भूटान के दुनिया की सबसे बड़ी आबादी और तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक, भारत के साथ इतने उत्कृष्ट संबंध हैं। उनके अनुसार, यह आपसी सम्मान, सद्भावना और साझा हितों की गहरी समझ का परिणाम है।
प्रधानमंत्री मोदी के प्रति सम्मान
प्रधानमंत्री तोबगे ने भारतीय नेतृत्व, विशेष रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति गहरा सम्मान व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि वह प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व का बहुत सम्मान करते हैं और उन्हें मोदी से मिले स्नेह के लिए आभारी भी हैं। तोबगे ने भावनात्मक रूप से यह भी कहा कि मोदी ने उन्हें “एक छोटे भाई के रूप में स्वीकार किया है।” नेताओं के बीच व्यक्तिगत तालमेल और मजबूत भरोसे पर आधारित यह संबंध दोनों देशों की दोस्ती की असली नींव है, जो द्विपक्षीय सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहा है।
विकास में भारत का सहयोग
भूटान के प्रधानमंत्री ने भूटान के विकास में भारत की अटूट मदद और मार्गदर्शन की भी सराहना की। उन्होंने बताया कि भारत की मदद से भूटान का विकास नई ऊंचाइयों तक पहुंचा है। व्यापार और वाणिज्य के मोर्चे पर, भूटान का लगभग 80% व्यापार भारत के साथ होता है, और दोनों देशों के बीच मुक्त व्यापार समझौता है, जो भूटान की आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित करता है। भारत सरकार द्वारा 10,000 करोड़ रुपये की सहयोग राशि की घोषणा जैसे कदम गैलेफू जैसे दूरदर्शी परियोजनाओं में सहयोग देने के भारत के दृढ़ संकल्प को दर्शाते हैं, जो दोनों देशों के लोगों के कल्याण और समृद्धि को बढ़ावा देंगे।

