रोहित रजक। जबलपुर: मध्यप्रदेश के शहर जबलपुर में ऐसा विवाह हुए जिसे देखकर समाज को प्रेरणा मिलनी तय है। जबलपुर की पूजा चौधरी और झांसी के सूरज चौधरी, दोनों ही जन्म से नेत्रहीन हैं, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। अपने हौसले और आत्मविश्वास के बल पर न सिर्फ पढ़ाई की, बल्कि अब जीवनभर का साथ निभाने का फैसला भी किया। दोनों का विवाह जबलपुर के शांति नगर वार्ड में धूमधाम से संपन्न हुआ। इस शादी को देखकर हर कोई भावुक भी हुआ और गर्व से भर गया।
कठिनाइयों से निकली एक नई राह
पूजा चौधरी शांति नगर के राजीव गांधी वार्ड में अपनी मां निर्मला चौधरी के साथ रहती हैं। उन्होंने बीए तक की पढ़ाई की है और आत्मनिर्भर जीवन जीने की कोशिश कर रही हैं। वहीं सूरज चौधरी झांसी निवासी हैं और म्यूजिक टीचर हैं। दोनों बचपन से नेत्रहीन हैं, लेकिन अपने जीवन को बोझ नहीं बनने दिया। जब दोनों के परिवारों ने विवाह का फैसला किया, तो आर्थिक कठिनाइयों के कारण विवाह करना मुश्किल लग रहा था।
समाजसेवियों ने बढ़ाया हाथ
पूजा की मां की आर्थिक स्थिति कमजोर थी, जिससे शादी की तैयारियों में दिक्कत हो रही थी। ऐसे में वार्ड पार्षद मधुबाला राजपूत, समाजसेवी सुनील सोनी, पवन गुप्ता, रवि संतोषी, दुर्गेश गुप्ता, गोपी खत्री सहित अन्य लोगों ने आगे बढ़कर जिम्मेदारी उठाई। उन्होंने न सिर्फ शादी की पूरी व्यवस्था की, बल्कि पूजा को गृहस्थी का सामान और उपहार भी दिए।
खुद किया बारात का स्वागत
शांति नगर के बारातघर में वैवाहिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। बारात जब पहुंची तो समाजसेवियों ने मिलकर उसका स्वागत किया। बारातियों के लिए पंगत में भोजन की व्यवस्था भी की गई। पूजा की शादी में शहर के कई जनप्रतिनिधि, समाजसेवी और नागरिक पहुंचे और नवविवाहित जोड़े को आशीर्वाद दिया।
सुबह से शाम तक चला कार्यक्रम
विवाह समारोह सुबह से शुरू होकर शाम को विदाई तक चला। पूजा और सूरज ने मंत्रोच्चार के बीच सात फेरे लिए और जीवनभर साथ निभाने का संकल्प लिया। इस मौके पर माहौल भावुक था, लेकिन साथ ही समाज के सहयोग और सकारात्मक सोच की मिसाल भी दिखी।
प्रेरणा बना यह विवाह
यह विवाह सिर्फ एक शादी नहीं, बल्कि समाज के लिए एक संदेश भी है कि शारीरिक अक्षमता कोई बाधा नहीं होती, अगर हौसला मजबूत हो और समाज साथ खड़ा हो। पूजा और सूरज की शादी ने यह साबित कर दिया कि सच्चा प्यार, संघर्ष और सहयोग सबकुछ संभव बना सकता है।

