Muskan Garg: पश्चिमी क्षेत्र में भारतीय सशस्त्र बल ‘त्रिशूल’ नामक एक संयुक्त सैन्य अभ्यास करने वाले हैं। इस अभ्यास का उद्देश्य तीनों सेनाओं के बीच संयुक्त अभियानों और समन्वय को बढ़ाना है। रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि यह भारत की सीमा की सुरक्षा के प्रति उसकी उत्कृष्टता को दर्शाता है और सेना की तकनीकी क्षमता को दिखाता है।

यह अभ्यास गुजरात के क्रीक क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच भारत की रक्षा तैयारियों को मजबूत करने और किसी भी भड़क या विरोध का सामना करने की क्षमता को बताता है।
यह अभ्यास आंतरिक रूप से “महागुर्जर” कहलाता है, लेकिन इसका कोड नाम “त्रिशूल” है।
यह अभ्यास राजस्थान के जैसलमेर से गुजरात के सर क्रीक व थार रेगिस्तान तक को कवर करेगा।

क्या है एक्सरसाइज त्रिशूल?

एक्सरसाइज त्रिशूल भारत की सशस्त्र सेनाओं का एक महत्वपूर्ण तीनों सेनाओं का अभ्यास है अर्थात् इसमें साइबर क्षेत्र भी शामिल है। पूरा नाम है ट्राई-सर्विसेज सिनर्जी एनेबलिंग इंटीग्रेटेड ऑपरेशंस। संस्कृत में त्रिशूलं समन्वयस्य बलम् इसका ध्येय मंत्र है। यही कारण है कि त्रिशूल एकता या एकता की शक्ति का प्रतीक है।

सहभागिता:
20,000 से अधिक लोगों को सेना से तैनात किया गया है, जिन्हें अर्जुन टैंक, T-90S, हॉवित्ज़र, सशस्त्र हेलीकॉप्टर और मिसाइल सिस्टम का समर्थन प्राप्त है।
UAVs, AEW&C सिस्टम, परिवहन और ईंधन भरण विमान (IL-78), राफेल और सुखोई-30MKI फाइटर जेट वायुसेना (IAF) द्वारा संचालित उच्च-गति वाले विमान शामिल किए गए हैं।
नौसेना ने अम्फीबियस और समुद्री युद्ध का अभ्यास करने के लिए सौराष्ट्र और गुजरात तटों पर विध्वंसक पोत और फ्रिगेट तैनात किए हैं।

Airman नोटिस (NOTAM):
भारतीय वायु सेना (IAF) ने अभ्यास के दौरान राजस्थान और गुजरात में नागरिक उड़ानों को प्रतिबंधित करने के लिए एयरमैन को नोटिस (NOTAM) भेजा ह। दूसरी ओर, पाकिस्तान ने 28 अक्तूबर से 29 अक्तूबर 2025 तक अपने केंद्रीय और दक्षिणी वायु क्षेत्रों में हवाई मार्गों पर प्रतिबंध लगाया है, जो पाकिस्तान की बौखलाहट को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।



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