शुवांगी प्रधान: इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया ने बिहार विधानसभा चुनाव की तिथियाँ जारी की हैं. मतदान दो चरणों में होंगे…पहला चरण 6 नवम्बर 2025 को और दुसरा 11 नवम्बर 2025 को रखा गया है. वही दुसरी ओर ,मतगणना की तिथि 14 नवम्बर को रखा गया है…

लगभग 65 लाख नाम हटाए जाने की बात सामने आई..


इस बार मतदाताओं की सूची में बड़े पैमाने पर संशोधन हुआ है, लगभग 65 लाख नाम हटाए जाने की बात सामने आई है. बेरोजगारी पलायन और ग्रामीण-शहरी विकास में प्रमुख असंतोष देखने को मिला है. पहले चरण में होने वाले 121 सीटों के मतदान में, 91 सीटों में ‘रेड अलर्ट’ जैसे हालात पैदा होने कि संभावना है.


विपक्षी महा-गठबंधन के बीच कड़ी टक्कर


राजनीतिक तौर पर गठबंधन बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी. नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू में चुनाव से पहले उनकी नेताओं में विद्रोह की खबरें सामने आई हैं. राष्ट्रीय गठबंधन (एनडीए) और विपक्षी महा-गठबंधन के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिलेगा. मतदान और मतगणना से पहले कानून-व्यवस्था, प्रवासी मतदाता, महिला मतदाता और ग्रामीण वोट बैंक विशेष फोकस में है. प्रदेश की राजनीति पर इस चुनाव का असर पडेगा ईए तो आनेवाला समय ही बताएगा.


2026 में असम में होने वाले चुनाव


2026 में असम में होने वाले हें चुनाव की दिशा राज्य के राजनीतिक नक्शे को बदल सकता है. यह चुनाव नॉर्थ-ईस्ट में भाजपा के स्थिति पर भी असर दिखा सकती है. असम में गौरव गोगोई को असम प्रदेश कांग्रेस कमिटी का अध्यक्ष नियुक्त करके, कांग्रेस पार्टी ने नेतृत्व में बदलाव किया है. वहीं दुसरी ओर विपक्षी पार्टि अल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ़्रंट AIUDF ने 35 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने का फैसला किया है. भाजपा ने मुसलमान बहुल 6 सीटों पर कोशिशों की बात कहकर, अल्पसंख्यक एवं जनजातीय समुदायों के भोट मांगें हें. ग्रामीण-परिषद स्तर पर मिली बड़ी जीत को विधानसभा में आगे बढ़ाने का लक्ष्य ही इस बार भाजपा की रणनीति है. असम 2026 विधानसभा चुनाव में विकास कल्याण के मुद्दे, सामुदायिक मांगें, दल-गठबंधन रणनीतियां तथा स्थानीय जनभावना निर्णायक भूमिका निभाने वाली हैं. जहाँ भाजपा अपनी चुनावी गति बनाए रखना चाहती है, वहीं कांग्रेस और अन्य दल उसे चुनौती देने की दिशा में सक्रिय हैं.

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