रिया सिन्हा: सर्बिया के नोवी साद में आयोजित अंडर-23 विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में भारतीय ग्रीको रोमन पहलवानों का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा। टूर्नामेंट के पहले दिन, भारत के चार पहलवानों ने चुनौती पेश की, लेकिन उनमें से कोई भी एक भी मुकाबला जीतने में कामयाब नहीं हो सका। यह खराब प्रदर्शन अंतरराष्ट्रीय मंच पर ग्रीको रोमन कुश्ती में भारत के संघर्ष को दर्शाता है।
पहले ही दौर में बाहर हुए चार खिलाड़ी
चैंपियनशिप के पहले दिन भारत के जो चार पहलवान मैट पर उतरे, वे सभी अपने शुरुआती दौर में ही हारकर बाहर हो गए। गौरव (63 किग्रा), अंकित (77 किग्रा), रोहित बूरा (87 किग्रा) और जोगिंदर राठी (130 किग्रा) अपने-अपने प्रतिद्वंद्वियों के सामने किसी भी तरह की चुनौती पेश नहीं कर सके। इन सभी पहलवानों को तकनीकी श्रेष्ठता या बड़े अंतर से हार का सामना करना पड़ा।
प्रतिद्वंद्वियों ने आसानी से दी मात
63 किग्रा वर्ग में गौरव को किर्गिस्तान के कुट्टूबेक ए अब्दुराजाकोव ने तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर हराया। वहीं, 77 किग्रा वर्ग में अंकित को सर्बिया के जालान पेक से शिकस्त मिली। 87 किग्रा के क्वालीफिकेशन राउंड में रोहित बूरा को अमेरिका के पेटन जे जैकबसन ने जबकि 130 किग्रा में जोगिंदर राठी को उज्बेकिस्तान के दामिरखोन रख्मातोव ने आसानी से पराजित कर दिया।
रेपेचेज राउंड में पहुंचने का मौका भी नहीं
इन भारतीय पहलवानों के लिए रेपेचेज राउंड में पहुंचने की उम्मीदें भी तब समाप्त हो गईं, जब उन्हें हराने वाले उनके प्रतिद्वंद्वी अपने-अपने भार वर्ग के फाइनल में जगह नहीं बना पाए। इस कारण इन चारों पहलवानों की पदक की दौड़ पहले ही दिन समाप्त हो गई, जो भारतीय ग्रीको रोमन दल के लिए एक बड़ा झटका है।

