रिया सिन्हा: भारतीय युवा शटलर तन्वी शर्मा ने विश्व जूनियर बैडमिंटन चैंपियनशिप में इतिहास रच दिया है। 17 वर्षीय तन्वी ने लड़कियों के एकल वर्ग के सेमीफाइनल में पहुंचकर भारत के लिए एक पदक पक्का कर दिया है। वह पिछले 17 वर्षों में विश्व जूनियर चैंपियनशिप में पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बन गई हैं। इससे पहले, भारत के लिए अंतिम महिला पदक दिग्गज खिलाड़ी साइना नेहवाल ने 2008 में स्वर्ण पदक के रूप में जीता था।
जापानी खिलाड़ी को हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश
शीर्ष वरीयता प्राप्त तन्वी ने क्वार्टर फाइनल मुकाबले में जापान की साकी मात्सुमोतो को तीन गेमों के कड़े संघर्ष में 13-15, 15-9, 15-10 से हराया। यह मुकाबला 47 मिनट तक चला, जिसमें तन्वी ने एक गेम से पिछड़ने के बाद शानदार वापसी की और निर्णायक गेम में अपने क्रॉस-कोर्ट स्लाइस हिट्स से जीत हासिल की। उन्होंने दबाव में भी अपना संयम बनाए रखा, जिससे वह निर्णायक क्षणों में बेहतर प्रदर्शन कर पाईं।
साइना नेहवाल और अपर्णा पोपट के विशिष्ट क्लब में शामिल
इस जीत के साथ तन्वी शर्मा विश्व जूनियर चैंपियनशिप में पदक जीतने वाली केवल तीसरी भारतीय महिला खिलाड़ी बन गई हैं। उनसे पहले, अपर्णा पोपट ने 1996 में रजत पदक जीता था और साइना नेहवाल ने 2006 में रजत और 2008 में स्वर्ण पदक जीता था। तन्वी अब सेमीफाइनल में चीन की लियू सी या का सामना करेंगी। तन्वी ने इस साल की शुरुआत में बैडमिंटन एशिया जूनियर चैंपियनशिप में भी कांस्य पदक जीता था, जिससे उनकी प्रतिभा और फॉर्म की पुष्टि होती है।

