रिपोर्ट, कामना कासोटिया: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में अब माहौल पूरी तरह से चुनावी रंग में ढल चुका है। इसी बीच अलीनगर विधानसभा क्षेत्र (संख्या 81) से जन सुराज पार्टी के भावी उम्मीदवार विप्लव कुमार चौधरी ने शुक्रवार को अपना नामांकन दाखिल कर दिया। नामांकन के बाद उन्होंने अपने समर्थकों से कहा कि “अलीनगर से बदलाव की शुरुआत होगी, जनता जन सुराज चाहती है।”

नामांकन के बाद मीडिया से बात करते हुए विप्लव चौधरी ने कहा कि, इस बार जनता पूरी तरह बदलाव के मूड में है। उन्होंने दावा किया कि जन सुराज पार्टी का इस विधानसभा में कोई मुकाबला नहीं है। उनके अनुसार, “इस बार जन सुराज के टक्कर में कोई उम्मीदवार नहीं है। बाकी पार्टियों के पास तो कोई योजना है, ही कोई विज़न। जनता अब पुरानी राजनीति से ऊब चुकी है और नया विकल्प चाहती है।

नामांकन के समय दिखा उत्साह

विप्लव चौधरी के नामांकन के दौरान जन सुराज पार्टी के कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह देखा गया। सैकड़ों समर्थक बैनर-पोस्टर लेकर नारेबाजी करते हुए अलीनगर प्रखंड कार्यालय पहुंचे। चारों तरफ “बदलाव का हुंकार, जन सुराज सरकार” और “अबकी बार, विप्लव सरकार” जैसे नारे गूंजते रहे। माहौल पूरी तरह जन सुराज पार्टी के रंग में रंगा हुआ था।

विप्लव ने नामांकन के बाद जनता को संबोधित करते हुए कहा कि वे राजनीति में सत्ता के लिए नहीं, बल्कि व्यवस्था में सुधार के लिए आए हैं। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य सिर्फ चुनाव जीतना नहीं, बल्कि जन सुराज के सिद्धांत को धरातल पर उतारना है। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और पारदर्शिता — यही चार स्तंभ हमारे काम के आधार होंगे।”

 जन सुराज पार्टी का बढ़ता प्रभाव

जन सुराज पार्टी, प्रशांत किशोर द्वारा स्थापित एक राजनीतिक संगठन है, जो बिहार में “जनता से जन सुराज” के नारे के साथ तेजी से अपनी पकड़ मजबूत कर रही है। पार्टी का फोकस जमीनी स्तर पर जनता की भागीदारी से शासन व्यवस्था सुधारना है।
विप्लव चौधरी ने कहा कि “बिहार की जनता अब जाति और धर्म की राजनीति से ऊपर उठ रही है। लोग अब मुद्दों पर वोट देना चाहते हैं — और यही जन सुराज की असली ताकत है।

 अलीनगर सीट पर दिलचस्प मुकाबला

अलीनगर विधानसभा इस बार राज्य की सबसे चर्चित सीटों में से एक मानी जा रही है।

  • एनडीए (भाजपा) ने मशहूर लोक गायिका मैथिली ठाकुर को मैदान में उतारा है। मैथिली ठाकुर पहली बार सक्रिय राजनीति में उतरी हैं और युवाओं में उनकी अच्छी लोकप्रियता है।
  • इंडिया गठबंधन (राजद) ने विनोद मिश्रा को प्रत्याशी बनाया है। वे पिछली बार के चुनाव में करीबी मुकाबले में पराजित हुए थे और अब दोबारा मैदान में हैं।
  • वहीं जन सुराज पार्टी के विप्लव चौधरी के उतरने से मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है।

2020 के विधानसभा चुनाव में यहां से मिश्री लाल यादव (वीआईपी) ने जीत दर्ज की थी। इस बार उनके भाजपा से इस्तीफा देने और मैथिली ठाकुर को टिकट मिलने की चर्चा ने इस सीट को सुर्खियों में ला दिया है।

मतदाताओं की राय

अलीनगर क्षेत्र के मतदाताओं में इस बार उत्सुकता साफ दिखाई दे रही है। कुछ लोगों का कहना है कि वे नए चेहरों को मौका देना चाहते हैं। वहीं कुछ का मानना है कि अनुभवी उम्मीदवारों की भी अपनी भूमिका होती है। कुल मिलाकर जनता इस बार बदलाव के संदेश को गंभीरता से सुन रही है।

अलीनगर सीट पर इस बार मुकाबला दिलचस्प होता जा रहा है। एक तरफ हैं प्रसिद्ध लोक गायिका मैथिली ठाकुर, दूसरी ओर अनुभवी राजद नेता विनोद मिश्रा, और तीसरी ओर जन सुराज पार्टी के युवा चेहरा विप्लव चौधरी। तीनों ही उम्मीदवार अपने-अपने तरीके से जनता को आकर्षित करने की कोशिश में जुटे हैं।

अब देखना यह होगा कि अलीनगर की जनता 14 नवंबर को किसे अपना प्रतिनिधि चुनती है — पर इतना तय है कि इस बार अलीनगर की राजनीति में बदलाव का हुंकार गूंज रहा है।

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