रिपोर्टर – आदेश चौहान
माननीय विधायक रामेश्वर शर्मा ने लाल फीता काटकर दो दिवसीय कार्यक्रम का किया शुभारंभ
आज,14 अक्टूबर को भोपाल स्थित मिसरोद के स्कोप ग्लोबल स्किल्स यूनिवर्सिटी में दो दिवसीय “दीवाली स्किल्स वाली” प्रदर्शनी एवं मेले का शानदार आगाज हुआ। “हर घर स्वदेशी, घर घर स्वदेशी” की थीम पर आधारित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भारतीय परंपराओं को आधुनिक कौशल विकास से जोड़कर युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना है। कार्यक्रम का उद्घाटन हुजूर विधायक श्री रामेश्वर शर्मा ने किया। इस आयोजन को खादी एवं ग्रामीण उद्योग आयोग के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है.
पहले दिन के कार्यक्रम में विधायक के साथ कई गणमान्य मौजूद रहे
हुजूर विधानसभा विधायक रामेश्वर शर्मा के साथ अन्य अतिथि भी मौजूद रहे, जिनमें ग्लोबल स्किल यूनिवर्सिटी के चांसलर डॉ सिद्धार्थ चतुर्वेदी , कुलगुरु डॉ विजय सिंह , कुलसचिव डॉ सितेश कुमार सिन्हा , डायरेक्टर एडमिशनस डॉ अनुराग कुलश्रेष्ठ और प्रोग्रामर कन्वीनर डॉ टीना तिवारी उपस्थित रहे.
कार्यक्रम के संबोधन में विधायक जी ने प्रधानमंत्री के विज़न वोकल फिर लोकल का भी जिक्र किया
मुख्य अतिथि श्री रामेश्वर शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि यह आयोजन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के दृष्टिकोण को साकार करता है। उन्होंने विश्वविद्यालय की इस पहल की सराहना करते हुए कहा, “दिवाली केवल दीपों का नहीं, बल्कि स्वदेशी भावना और आत्मनिर्भरता का उत्सव है। रामेश्वर शर्मा जी ने विश्वविद्यालय की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि, आशा है यहां से सीखे गई कौशल से युवा रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर बनाएंगे .
पहले दिन के कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण
स्किल वर्कशॉप्स: पहले दिन छात्रों और जरी जरदोजी, ब्लॉक प्रिंटिंग, मैकरेम, टैटू मेकिंग, दिया डेकोरेशन और रेजिन आर्ट जैसी कलाओं का विशेषज्ञों से प्रशिक्षण लिया.
स्वदेशी उत्पादों की प्रदर्शनी : छात्रों और स्थानीय उद्यमियों द्वारा बनाए गए आभूषण, परिधान, गृह सज्जा, बेकरी उत्पाद और हस्तशिल्प के स्टॉल्स आकर्षण का केंद्र रहे. सांस्कृतिक कार्यक्रम: उत्सव के माहौल को बढ़ाते हुए ओपन माइक, फैशन शो, क्विज और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आयोजन किया गया, जिसने सभी का मन मोह लिया. प्रतियोगिताएं: छात्रों ने रील मेकिंग, फोटोग्राफी, रंगोली, मेहंदी और पोस्टर मेकिंग जैसी प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक भाग लिया। विजेताओं को कार्यक्रम के समापन दिवस पर पुरस्कृत किया जाएगा.
यूनिवर्सिटी के चांसलर ने संबोधन में क्या कहा
यूनिवर्सिटी के चांसलर डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी ने कहा, “दिवाली स्किल्स वाली” केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि युवाओं में स्वावलंबन और नवाचार की भावना जगाने का एक माध्यम है। हमारा लक्ष्य हर छात्र को कौशल में दक्ष बनाकर देश की प्रगति में भागीदार बनाना है.
कुलगुरु डॉ. विजय सिंह और कुलसचिव डॉ. सितेश कुमार सिन्हा ने भी इस आयोजन को छात्रों में व्यावहारिक कौशल और आत्मविश्वास बढ़ाने वाला एक महत्वपूर्ण कदम बताया, जो उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करेगा। यह कार्यक्रम शिक्षा, कौशल और संस्कृति का एक अनूठा संगम प्रस्तुत करता है.
