रिया सिन्हा:

कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद रविवार देर रात अपनी पहली आधिकारिक यात्रा पर दिल्ली पहुंचीं। हाल के दिनों में दोनों देशों के बीच संबंधों में आई तल्खी के बाद उनकी यह यात्रा बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इसका उद्देश्य भारत और कनाडा के बीच रणनीतिक और आर्थिक सहयोग को फिर से मजबूत करना है।

द्विपक्षीय संबंधों में नई ऊर्जा

इस दौरे के दौरान, मंत्री आनंद सोमवार को अपने भारतीय समकक्ष विदेश मंत्री एस. जयशंकर और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात करेंगी। इन उच्च-स्तरीय बैठकों में मुख्य रूप से व्यापार विविधीकरण, स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन (energy transformation) और सुरक्षा सहयोग के लिए एक व्यापक रूपरेखा स्थापित करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने अनीता आनंद का गर्मजोशी से स्वागत करते हुए कहा कि यह दौरा द्विपक्षीय तंत्रों को पुनर्जीवित करने, आर्थिक सहयोग को गहरा करने और दोनों देशों को जोड़ने वाले मजबूत जन-जन के संबंधों को और मजबूत बनाने में सहायक होगा।

हिंद-प्रशांत रणनीति का हिस्सा

कनाडा सरकार के अनुसार, आनंद की यह यात्रा उसकी व्यापक हिंद-प्रशांत रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस रणनीति के तहत कनाडा इस क्षेत्र के प्रमुख भागीदारों के साथ द्विपक्षीय संबंधों और सहयोग को आगे बढ़ाना चाहता है। अनीता आनंद ने अपने बयान में कहा कि कनाडा को घरेलू स्तर पर मजबूत होने के लिए विदेश में भी मजबूत और स्थिर साझेदारियों की आवश्यकता है।

दिल्ली के अलावा, मंत्री आनंद मुंबई की भी यात्रा करेंगी। वहाँ वह कनाडाई और भारतीय व्यवसायों के साथ निवेश, रोज़गार सृजन और आर्थिक अवसरों को बढ़ावा देने पर बातचीत करेंगी। भारत के बाद, वह अपनी कूटनीतिक यात्रा के अगले चरण में सिंगापुर और चीन भी जाएंगी। इस दौरे से दोनों देशों के बीच विश्वास बहाली और सकारात्मक संवाद की उम्मीद जगी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *