रिपोर्ट रोहित रजक भोपाल।
परिचय
श्री भूपेन्द्र सिंह मध्यप्रदेश की राजनीति के एक सक्रिय, अनुभवी और जनप्रिय नेता हैं। वे भारतीय जनता पार्टी से जुड़कर वर्षों से खुरई विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
उनका जन्म 20 मई 1960 को बामोरा, जिला सागर (मध्यप्रदेश) में हुआ। पिता का नाम श्री अमोल सिंह है।
वे शिक्षा से एल.एल.बी. हैं और व्यवसाय से कृषक हैं। पारिवारिक जीवन में वे श्रीमती सरोज सिंह के पति हैं तथा एक पुत्र और तीन पुत्रियों के पिता हैं।
राजनीतिक जीवन की शुरुआत
भूपेन्द्र सिंह ने राजनीति की शुरुआत छात्र जीवन से की।
वर्ष 1982 में वे सागर विश्वविद्यालय छात्र संघ के सचिव बने। उसी समय वे विश्वविद्यालय के प्रतिनिधि के रूप में भी सक्रिय रहे।
इसके बाद उनका नेतृत्व कौशल बढ़ता गया और वर्ष 1985 में वे विश्वविद्यालय की कुल परिषद् के सदस्य चुने गए।
1985 से 1991 के बीच उन्होंने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाईं —
कृषि उपज मंडी, सागर के उपाध्यक्ष (1985–1991)
भारतीय जनता युवा मोर्चा, सागर के जिलाध्यक्ष (1985–1990)
वितरण संस्था, सागर के संचालक (1990)
नगर सुधार न्यास, सागर के अध्यक्ष (1991–1993)
उनकी मेहनत, संगठन क्षमता और जनता से जुड़ाव ने उन्हें भारतीय जनता पार्टी में एक सशक्त कार्यकर्ता के रूप में पहचान दिलाई। वर्ष 1993 में वे भा.ज.पा. प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य बने।
विधानसभा चुनाव और राजनीतिक उपलब्धियाँ
भूपेन्द्र सिंह ने अब तक कई बार चुनाव लड़ा है —
पहला विधानसभा चुनाव: वर्ष 1993 में लड़ा।
इसके बाद लगातार 1998, 2003, 2008, 2013 और 2018 में भी वे चुनावी मैदान में रहे।
2013 का विधानसभा चुनाव उनके राजनीतिक करियर का सबसे बड़ा मोड़ साबित हुआ। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी को लगभग 50,000 से अधिक मतों से हराकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की।
2018 में पुनः खुरई से विधायक निर्वाचित हुए और जनता के बीच अपनी मजबूत पकड़ साबित की।
इससे पहले 2009 में वे लोकसभा सांसद के रूप में भी निर्वाचित हुए थे।
उनके प्रमुख प्रतिद्वंदी हमेशा कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार रहे हैं, लेकिन वे अपने संगठन और जनता के विश्वास से लगातार विजयी रहे हैं।
मंत्री पद और जिम्मेदारियाँ
भूपेन्द्र सिंह ने मध्यप्रदेश सरकार में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है।
वे राज्य सरकार में गृह मंत्री, परिवहन मंत्री, सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री, तथा आवास और शहरी विकास मंत्री के रूप में सेवा दे चुके हैं।
उन्होंने अपने मंत्रालयों के दौरान प्रशासनिक सुधार, सड़क सुरक्षा, आवास नीति, और जनसंपर्क व्यवस्था में कई नई पहलें शुरू कीं।
विकास कार्य और योगदान
खुरई विधानसभा क्षेत्र को विकास की दिशा में आगे ले जाने का श्रेय भूपेन्द्र सिंह को जाता है।
उनके नेतृत्व में क्षेत्र में अनेक जनहितकारी कार्य हुए —
- सड़क और पुल निर्माण:
खुरई और आस-पास के ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ने वाली कई सड़कों का निर्माण और चौड़ीकरण कराया। पुल-पुलियों और नालों के निर्माण से यातायात सुगम हुआ। - रेलवे विकास:
खुरई रेलवे स्टेशन का आधुनिकीकरण कराया गया। यात्री सुविधाओं में वृद्धि और नई ट्रेनों का ठहराव सुनिश्चित किया। - शिक्षा का विस्तार:
क्षेत्र में कई नए स्कूल और कॉलेजों की स्थापना कराई गई। उच्च शिक्षा की सुविधाएँ ग्रामीण युवाओं तक पहुँचीं। - कृषि और सिंचाई योजनाएँ:
किसानों के लिए नई नहर योजनाएँ, ट्यूबवेल, और सिंचाई पंपों की सुविधा दी गई। कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए। - पेयजल एवं बिजली व्यवस्था:
गाँव-गाँव तक पानी और बिजली की पहुंच सुनिश्चित की। कई नए जल स्रोतों और ट्रांसफॉर्मरों की स्थापना कराई। - नगर विकास:
खुरई को तहसील और नगर पालिका का दर्जा दिलाने में उन्होंने निर्णायक भूमिका निभाई। शहर में सड़कों, पार्कों और सरकारी भवनों का विकास किया गया। - स्वास्थ्य सेवाएँ:
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को सुदृढ़ किया गया, एंबुलेंस सेवाओं का विस्तार हुआ और मातृ-शिशु स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया गया।
जनता से जुड़ाव और कार्यशैली
भूपेन्द्र सिंह अपने क्षेत्र में जनता से सीधा संवाद बनाए रखने के लिए जाने जाते हैं।
वे नियमित रूप से क्षेत्रीय भ्रमण करते हैं, जन-सुनवाइयाँ आयोजित करते हैं और समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए प्रशासन से समन्वय करते हैं।
उनकी लोकप्रियता का कारण है उनका जनसंपर्क, सरल व्यवहार और विकास के प्रति समर्पण।
श्री भूपेन्द्र सिंह का राजनीतिक सफर छात्र नेता से शुरू होकर राज्य के गृह मंत्री तक पहुँचने का प्रेरणादायी उदाहरण है।
उन्होंने अपने कार्यकाल में खुरई को विकास का केंद्र बनाया और जनसेवा को राजनीति का आधार माना।
आज वे मध्यप्रदेश की राजनीति में भाजपा के एक सशक्त, अनुभवी और जनप्रिय नेता के रूप में पहचाने जाते हैं।
