रिया सिन्हा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी में ‘डायरेक्ट सीडेड राइस (डीएसआर) कॉन्क्लेव’ को संबोधित करते हुए यह बड़ा संकल्प लिया कि वर्ष 2030 तक उत्तर प्रदेश को विश्व का ‘फूड बास्केट’ बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि क्षेत्रफल की दृष्टि से सीमित होने के बावजूद, उत्तर प्रदेश देश के राष्ट्रीय खाद्यान्न उत्पादन में 21 प्रतिशत का अहम योगदान देता है। सीएम ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि राज्य सरकार के प्रयासों और किसानों की मेहनत से अन्न, दालों, तिलहनों और सब्जियों की उत्पादन क्षमता में पांच गुना तक की वृद्धि हुई है। मुख्यमंत्री ने कृषि विभाग की 150वीं वर्षगांठ के इस आयोजन में, इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए तकनीकी नवाचारों और बेहतर बीज प्रबंधन पर जोर दिया।

तकनीकी नवाचार और भविष्य की रणनीति

सीएम योगी ने प्रदेश को वैश्विक फूड बास्केट बनाने के लिए भविष्य की रणनीति साझा की। उन्होंने कहा कि समय पर अच्छी तकनीक और उच्च गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध होने से उत्पादन में अभूतपूर्व वृद्धि संभव है। इसी दिशा में कदम बढ़ाते हुए, उन्होंने ‘ई-सीडर फॉर राइस’ और ‘प्रिसीजन हिल सीडर’ जैसी नई कृषि मशीनों को लॉन्च किया। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि लखनऊ में पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के नाम पर 250 एकड़ में ‘सीड पार्क’ स्थापित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, कृषि शोध को बढ़ावा देने के लिए अंतरराष्ट्रीय संस्थानों जैसे इंटरनेशनल राइस रिसर्च इंस्टीट्यूट (IRRI) और CIP के सहयोग से उत्कृष्टता केंद्र (Center of Excellence) स्थापित किए जाएंगे। उनका मानना है कि यह ‘डबल इंजन’ की सरकार $1 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को प्राप्त करने में कृषि क्षेत्र को सबसे बड़ी शक्ति बनाएगी।

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