रिपोर्ट -आदेश चौहान
मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में 11 बच्चों को मौत की सिरप लिखने वाले डॉक्टर प्रवीण सोनी को कल शनिवार रात गिरफ्तार कर लिया गया है . डॉ प्रवीण छिंदवाड़ा के सिविल अस्पताल परासिया में कार्यरत थे. डॉ के खिलाफ FIR डॉ अंकित सहलाम बीएमओ सीएचसी परासिया द्वारा कराई गई, साथ ही साथ जहरीली दावा बनाने वाली कंपनी के संचालक के खिलाफ भी FIR दर्ज की गई है.
इन धाराओं के तहत दर्ज किया गया केस
मामले में ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट की धारा 27(A ), बीएनएस की धारा 105 और 276 के तहत केस दर्ज किया गया . डॉ के खिलाफ परासिया सीएचसी से बीएमओ अंकित सहलाम ने परासिया थाने में शिकायत दर्ज की.
मध्य प्रदेश सरकार की रिपोर्ट और तमिल सरकार की रिपोर्ट, दोनों में जहरीला कैमिकल होने की पुष्टि
छिंदवाड़ा घटना पर आई मध्य प्रदेश सरकार की रिपोर्ट में coldrif सिरप में 46.2% डायएथिलीन ग्लायकॉल पाई गई और चेन्नई लैब में हुई जांच में 48.6% डायएथिलीन ग्लायकॉल पाया गया जो एक जहरीला औद्योगिक रसायन है . वही दो और सिरप nextro-DS, मेफटॉल पी सिरप ‘ओके ‘ पाई गई
जांच रिपोर्ट आने के बाद एक्शन में मोहन सरकार
डॉ मोहन यादव के निर्देश के बाद परासिया में पदस्थ शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ प्रवीण सोनी को छिंदवाड़ा से सस्पेंड करके क्षेत्रीय संचालक , स्वास्थ्य सेवाएं जबलपुर संभाग में कर दिया गया है. साथ ही मुख्य मंत्री ने मरने वाले 11 बच्चों के परिजनों को 4- 4 लाख रुपए मुआवजा देने का ऐलान किया
छिंदवाड़ा जहरीली सिरप घटना की पूरी टाइमलाइन, शुरू से अब तक क्या हुआ
पहला मामला 24 अगस्त को सामने आया जहां बच्चों को पहले सामान्य खांसी, सर्दी और बुखार जैसे लक्षण थे .बाद में coldrif , nextro DS जैसे कफ सिरप संदिग्ध पाए गए , और 7 सितंबर को पहली मौत हुई , जैसे ही मौतों का सिलसिला बड़ा बच्चों को कफ सिरप नहीं देने की सलाह दी गई.Coldrif ,nextro – DS जैसी सरपो पर रोक लगाने की मांग हुई . दवाएं, पानी और अन्य संदिग्ध स्रोतों से नमूने लिए गए और जांच के लिए भेजे गए . राष्ट्रीय संस्थाए जैसे ICMR ,NCDC आदि इस मामले में शामिल हुई.
बड़े पैमाने पर स्वास्थ्य परीक्षण अभियान शुरू किया गया
200 गांव में से लगभग 4658 बच्चों की जांच रिपोर्ट की गई . सरकार ने coldrif सिरप पर रोक लगा दी और संदेहास्पद स्टॉक जब्त करने का आदेश दिया .
स्वास्थ्य मंत्री और अन्य उच्च अधिकारियों ने कहा दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी ,कफ सिरपों की जांच में डाइएथिलीन ग्लाइकॉल की मौजूदगी पाई गई, जो एक जहरीली औद्योगिक रसायन है, तमिलनाडु के ड्रग कंट्रोलर ने कोल्ड्रिफ सिरप को एनएसक्यू घोषित किया और कोल्ड्रिफ कफ सिरप पीने के बाद छिंदवाड़ा में बच्चों की मौत के बाद पूरे मध्य प्रदेश में इसे बैन कर दिया गया .
चेन्नई लैब में हुई जांच में कफ सिरप में 48.6% डाइएथिलीन ग्लाइकॉल पाया गया.
छिंदवाड़ा घटना पर आई मध्यप्रदेश सरकार की रिपोर्ट में सिरप कोल्ड्रिफ में 46.2% डायएथिलिन ग्लायकॉल की पुष्टि हुई जो एक मिलावटी और खतरनाक दवा पाई गई,अन्य सिरप नेक्स्ट्रो-डीएस और मेफटॉल पी सिरप की रिपोर्ट ‘ओके’ आई सिरप लिखने वाले डॉ प्रवीण सोनी और दवा बनाने वाली कंपनी के खिलाफ FIR दर्ज की गई और जहरीला सिरप लिखने वाला डॉक्टर को गिरफ्तार कर लिया गया है.
