कामना कासोटिया भोपाल:

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को महिलाओं के लिए शुरू की गई मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ के तहत बड़ी राशि जारी की। इस बार सरकार ने 25 लाख महिलाओं के बैंक खातों में ₹10,000-10,000 रुपये की पहली किस्त ट्रांसफर की है। यानी कुल मिलाकर लगभग ₹2,500 करोड़ रुपये महिलाओं तक पहुँचे।

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें रोजगार शुरू करने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए शुरू की गई है। नीतीश कुमार ने कार्यक्रम में साफ कहा – “चुनाव आ रहा है, ध्यान दीजिएगा… सरकार आपके लिए काम कर रही है।”

योजना क्या है?

मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को छोटा व्यवसाय शुरू करने के लिए मदद करना है। सरकार ने तय किया है कि हर पात्र महिला को शुरुआत में ₹10,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।

इस पैसे से महिलाएँ छोटी दुकान, सब्जी-फल का कारोबार, सिलाई-कढ़ाई, डेयरी, मोबाइल रिपेयरिंग, पशुपालन जैसी गतिविधियाँ शुरू कर सकती हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, योजना के तहत 18 तरह के रोजगार विकल्प सूचीबद्ध किए गए हैं।

अगर कोई महिला अपना काम अच्छे तरीके से चलाती है और उसका बिज़नेस सफल होता है तो भविष्य में उसे ₹2 लाख रुपये तक की अतिरिक्त मदद भी सरकार देगी।

पहले भी मिली थी मदद

यह पहली बार नहीं है जब इस योजना के तहत राशि ट्रांसफर की गई है। सितंबर 2025 में मुख्यमंत्री ने इसी योजना की शुरुआत की थी। तब 75 लाख महिलाओं के खातों में पहली किस्त भेजी गई थी। उस समय सरकार ने लगभग ₹7,500 करोड़ रुपये खर्च किए थे।

इस तरह अब तक कुल 1 करोड़ महिलाओं को इस योजना का लाभ मिल चुका है।

पैसे कब-कब मिलेंगे?

सरकार ने कहा है कि हर हफ्ते शुक्रवार को किस्तें ट्रांसफर की जाएंगी।

  • 26 सितंबर को पहली किस्त गई थी।
  • 3 अक्टूबर को दूसरी किस्त ट्रांसफर हुई।
  • आने वाले हफ्तों में 6 अक्टूबर, 17 अक्टूबर और दिसंबर तक भी किस्तें जारी करने का कार्यक्रम बनाया गया है।

इससे साफ है कि लगातार महिलाओं को योजना का फायदा मिलता रहेगा और धीरे-धीरे पूरे बिहार की बड़ी आबादी इसमें शामिल होगी।

महिलाओं के लिए क्या मायने रखती है यह मदद?

बिहार जैसे राज्य में, जहाँ बड़ी संख्या में महिलाएँ घर से बाहर निकलकर रोजगार करना चाहती हैं लेकिन आर्थिक तंगी सबसे बड़ी रुकावट होती है, यह योजना उनके लिए उम्मीद की नई किरण है।

चुनावी रंग भी दिख रहा है

चूंकि बिहार में अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, इस योजना को लेकर राजनीति भी तेज हो गई है। विपक्ष का आरोप है कि यह “चुनावी लाभ” पाने के लिए उठाया गया कदम है। वहीं, सरकार का कहना है कि यह कदम महिलाओं की भलाई और समाज में उनकी भागीदारी बढ़ाने के लिए है।

नीतीश कुमार ने भी भाषण में कहा – हमने हमेशा महिलाओं को सशक्त बनाने का काम किया है। शराबबंदी से लेकर आरक्षण तक, अब रोजगार योजना से भी महिलाओं को आगे बढ़ाया जाएगा।”

‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ बिहार सरकार की एक महत्वाकांक्षी पहल है, जिसमें लाखों महिलाओं को सीधी आर्थिक सहायता दी जा रही है। शुरुआती किस्त ₹10,000 शायद बहुत बड़ी रकम न लगे, लेकिन यह महिलाओं के लिए रोजगार शुरू करने का मजबूत आधार बन सकता है।

अब देखना होगा कि आने वाले महीनों में यह योजना कितनी पारदर्शिता और प्रभावी ढंग से लागू होती है और क्या सच में यह महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव ला पाती है या केवल चुनावी वादे तक ही सीमित रह जाती है।

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