रिपोर्ट, काजल जाटव: मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले की बड़नगर सीट से भाजपा के विधायक श्री जितेंद्र उदयसिंह पंड्या ने अपनी सामाजिक गतिविधियों और लोगों की मदद कर के पार्टी में अपनी अलग पहचान बनाई है। 21 अक्टूबर 1976 को सौहड़ गांव में जन्मे जितेंद्र पंड्या एक सामान्य किसान परिवार से आते हैं। उनके पिता श्री उदयसिंह पंड्या ने जनता के बीच सम्मान पाया।

शिक्षा और शुरुआती दौर

श्री पंड्या ने हाई स्कूल तक पढ़ाई की। पढ़ाई के दौरान ही उन्हें गांव और किसान से जुड़ी बातें अच्छी लगीं। वे शुरू से ही गांव के काम में शामिल रहे। उन्होंने सफाई अभियान, किसानों की बात उठाना और युवाओं को रोजगार दिलाने में मदद की।

राजनीति शुरू करने का तरीका

वे भाजपा की सोच और संगठन से प्रेरित थे। उन्होंने अपने गांव में संगठन मजबूत किया। धीरे-धीरे वे पार्टी के भरोसेमंद कार्यकर्ता बन गए। उन्होंने मेहनत की और आम लोगों के बीच अपनी अच्छी पहचान बनाई। 2023 में उन्होंने विधानसभा चुनाव लड़ा।

साल 2023 में वे पहली बार बड़नगर से विधायक बने। यह उनके लिए बहुत कुछ था। उन्होंने किसानों की समस्या, सिंचाई, सड़कें और पढ़ाई को चुनाव के मुद्दे बनाए।

विकास और लोगों की मदद

विधायक बन कर उन्होंने लोगों के काम किए। खेतों में पानी, सड़कें सुधारने और पानी बचाने का काम किया। वे कहते हैं कि खेती को अच्छा बिजनेस बनाने में मदद करनी चाहिए।

उन्होंने स्कूल और अस्पताल के हालात सुधारने का काम शुरू किया। उन्होंने महिलाओं की समूहों को भी अच्छा काम करने को कहा।

साथ ही, उन्होंने गांव के युवाओं के लिए कौशल प्रशिक्षण भी शुरू किया। इससे उन्हें रोजगार मिल सके।

लोगों से जुड़ाव और उनकी छवि

जितेंद्र पंड्या सादा और आसानी से मिल जाने वाले आदमी हैं। वे अपनी बात सीधे कहते हैं। वे जनता की परेशानियाँ सुनते हैं और जल्दी हल करने की कोशिश करते हैं। बड़नगर में वह आम लोगों से ज्यादा एक ‘सेवक’ जैसे दिखते हैं।

वोट और जनता का समर्थन

2023 के विधानसभा चुनाव में, लोगों ने उन्हें बहुत समर्थन दिया। खासकर किसानों, जवानों और महिलाओं ने वोट दिए। उन्होंने अपने सबसे करीबी प्रतिद्वंद्वी को आसानी से हरा दिया। इसका मतलब है कि लोग उन्हें भरोसेमंद मानते हैं।

विवाद और आलोचनाएं

उनका राजनीतिक जीवन अब तक अच्छा रहा है। कुछ लोग, खासकर विरोधी, उन्हें कम अनुभव वाला नेता कहने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन पंड्या ने अपने काम से सबको जवाब दिया। कभी-कभी विपक्ष ने कहा कि विकास का काम धीरे चल रहा है। पर उन्होंने कहा, “जनहित के काम तेज होंगे, पर पारदर्शिता के साथ।”

श्री जितेंद्र उदयसिंह पंड्या मानते हैं कि राजनीति सेवा करने का तरीका है। वह कहते हैं कि अगर अच्छे इरादे हैं और जनता से जुड़ाव सच्चा है, तो बदलाव हो सकता है।

बड़नगर की जनता उनसे बहुत उम्मीद रखती है। चाहे बात सिंचाई, पढ़ाई या नौकरी की हो, पंड्या का मकसद साफ है: “गांव, गरीब, किसान का विकास।” उनका काम बताता है कि वह मध्य प्रदेश में उभरते नेता हैं। आने वाले वक्त में वो राज्य की दिशा बदल सकते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *