राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर 2 अक्टूबर यानि आज से मध्यप्रदेश में एक व्यापक स्वच्छता अभियान का शुभारंभ हो गया है। यह अभियान न केवल साफ-सफाई पर केंद्रित होगा, बल्कि शासकीय कार्यों में पारदर्शिता और तेजी लाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाएगा।
जागरूकता और कबाड़ मुक्त होंगे कार्यालय
यह विशेष स्वच्छता अभियान 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक एक महीने तक चलाया जाएगा। अभियान के तहत, सबसे पहले ग्राम सभाओं में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य लोगों को स्वच्छता के महत्व और अभियान के लक्ष्यों से जोड़ना है।
अभियान का एक प्रमुख लक्ष्य सभी शासकीय कार्यालयों को अनावश्यक और अनुपयोगी कबाड़ से मुक्त करना है। कार्यालयों में वर्षों से रखे बेकार कागजात, टूटे फर्नीचर और अन्य अनुपयोगी सामान का निपटान किया जाएगा। इस कदम से न केवल कार्यालयों को एक नया और स्वच्छ स्वरूप मिलेगा, बल्कि कार्य करने का माहौल भी बेहतर होगा।
लंबित प्रकरणों का होगा त्वरित निराकरण
स्वच्छता अभियान का दायरा केवल भौतिक सफाई तक सीमित नहीं है। इस दौरान, जनता के लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। विभिन्न सरकारी विभागों में जनता से जुड़े जो मामले काफी समय से लंबित हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाएगा ताकि आमजन को राहत मिल सके।
इस अभियान को प्रभावी बनाने के लिए सभी विभागों और ज़िला प्रशासन को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे इस कार्य को गंभीरता से लें और तय समय सीमा के भीतर लक्ष्यों को पूरा करें। उम्मीद है कि यह अभियान न केवल राज्य को स्वच्छ बनाने में मदद करेगा, बल्कि प्रशासनिक दक्षता में भी सुधार लाएगा।

