कामना कासोटिया भोपाल:

विधायक विजयपाल सिंह राजपूत: चार बार की जीत और जनसेवा की कहानी

सोहागपुर विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता विजयपाल सिंह राजपूत ने राजनीति में जनसेवा को अपना लक्ष्य बनाया है। चार बार विधायक रह चुके विजयपाल सिंह ने जनता के बीच रहकर विकास की नई मिसाल पेश की है। उनका राजनीतिक सफर, चुनावी जीतें, विकास कार्य और जनहित में किए गए प्रयासों की कहानी प्रेरणादायक है।

सरल शुरुआत, मजबूत पकड़

विजयपाल सिंह राजपूत का जन्म 9 अप्रैल 1964 को ग्राम जोशीपुर, जिला-सीहोर में हुआ। उनके पिता श्री शंकर सिंह राजपूत किसान थे, और यही सादगी विजयपाल सिंह के व्यक्तित्व में भी दिखती है। उन्होंने एम.कॉम. तक शिक्षा प्राप्त की और कृषि को अपना व्यवसाय चुना। परिवार में पत्नी श्रीमती सुधा सिंह और दो पुत्रियाँ हैं।

राजनीतिक जीवन की शुरुआत उन्होंने 1992 में भाजपा युवा मोर्चा नर्मदापुरम के नगर अध्यक्ष बनकर की। उसके बाद 1994 में जिला महामंत्री और 1995-2003 तक जिला अध्यक्ष के रूप में अपनी सक्रिय भूमिका निभाई। संगठन से जुड़ाव और धरातली कार्यों के कारण पार्टी नेतृत्व और जनता के बीच उनकी मजबूत छवि बनी।

चुनावी जीत और हार का अंतर

विजयपाल सिंह राजपूत ने अब तक चार बार चुनावी जीत दर्ज की है:

  • 2008 में कांग्रेस के मेहरबान सिंह पटेल को 16,541 वोटों से हराया।
  • 2013 में रणवीर सिंह गलचा को 28,891 वोटों से हराया।
  • 2018 में सतपाल पलिया को 11,417 वोटों से हराया।
  • 2023 में कांग्रेस के पुष्पराज सिंह को 1,762 वोटों के बेहद कम अंतर से हराया।

यह आंकड़े दिखाते हैं कि जनता का विश्वास तो बना रहा, लेकिन 2023 की जीत ने उन्हें आगे और मेहनत करने का संकेत भी दिया है।

जनसेवा में अग्रणी भूमिका

विजयपाल सिंह ने अपने कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण विकास कार्य करवाए हैं:

  1. प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र की स्थापना – सस्ती दवाइयाँ उपलब्ध कराने के लिए सोहागपुर क्षेत्र में जन औषधि केंद्र का शुभारंभ किया गया।
  2. गांव-गांव विकास यात्रा – खपरिया, अजबगांव, लखनपुर, ईशरपुर जैसे गाँवों में जाकर लोगों की समस्याएं सुनना और वहीं समाधान देना उनकी कार्यशैली का हिस्सा रहा।
  3. बिजली समस्या पर सख्त रुख – सोहागपुर, बाबई और केसला क्षेत्र में बिजली कटौती के मुद्दे पर वे अधिकारियों से भिड़ गए और समयसीमा में समाधान न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
  4. एप्रोच रोड की मांग – इटारसी में एनएच से जुड़ाव की सड़क की माँग को लेकर धरना प्रदर्शन कर सरकार का ध्यान आकर्षित किया।
  5. बस हादसों को रोकने की पहल – बेलगाम चलती बसों पर रोक लगाने, और यात्रियों की सुरक्षा के लिए बस स्टॉप और ट्रैफिक व्यवस्था सुधार की माँग उठाई।

संगठन में भी सक्रिय

  • मध्यप्रदेश ट्रायबल वेलफेयर फेडरेशन के चेयरमेन (2018-2021)
  • सरकारी उपक्रम समिति के सदस्य (2020)
  • विधानसभा में गैर-सरकारी विधायकों की समिति के सभापति (2021)
  • म.प्र. आंतरिक संघ के उपाध्यक्ष और प्रदेश कार्यसमिति सदस्य

विजयपाल सिंह राजपूत ने राजनीति को सेवा का माध्यम बनाया है। चार बार की लगातार जीत उनकी लोकप्रियता का प्रमाण है, लेकिन 2023 की करीबी जीत बताती है कि चुनौतियाँ भी हैं। अब जनता को उम्मीद है कि वे अधिक सक्रियता से बुनियादी समस्याओं को हल करें और क्षेत्र को मॉडल विधानसभा क्षेत्र बनाएं।

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