कामना कासोटिया भोपाल:
कमल मरस्कोले: किसान नेता से विधायक तक — संघर्ष, जीत और विकास की कहानी
माकेः गाँव-भोज़ मा गाँव तहसील और ज़िला सिवनी, मध्यप्रदेश में जन्मे कमल मरस्कोले भारतीय जनता पार्टी के एक मेहनती व सक्रिय नेता हैं। पिता का नाम स्वर्गीय लक्ष्मण सिंह मरस्कोले है। कमल जी के बाल्यकाल से ही उनके जीवन में ग्रामीण समस्याएँ, किसान संघर्ष और आदिवासी एवं कमजोर वर्गों की तकलीफें प्रमुख रहीं — यही बातें बाद में उनके राजनेतिक सफर की नींव बनीं।
11 मई 1976 को जन्मे कमल मरस्कोले ने बी.ए. की शिक्षा ग्रहण की। उनका पेशा “कृषि” है। विवाहित हैं, पत्नी श्रीमती भावना मरस्कोले, एक बेटी है।
राजनीति में उनकी यात्रा लंबी रही — उन्होंने छात्र संघ से शुरुआत की, आदिवासी विकास परिषद छात्र संघ में काम किया, गोण्ड समाज महासभा से जुड़े, अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद में ज़िला अध्यक्ष रहे। श्री मरस्कोले ने अनेक सामाजिक और राजनैतिक पदों पर काम किया है — लोक सभा सदस्यों के चयन से लेकर विशेषाधिकार समिति, परिवहन, संस्कृति, भोजन व कोयला संबंधी समितियों में सक्रिय रूप से भाग लिया। 2016 से 2018 तक उन्होंने भारतीय जनता पार्टी में ‘मुख्य संपर्क’ का दायित्व संभाला। मई 2019 में वे चौथी बार विधायक लोक सभा सदस्यों की स्थानीय समितियों के सदस्य निर्वाचित हुए। अंत में 6 दिसंबर, 2023 को लोक सभा सदस्य के पद से उन्होंने त्याग पत्र दे कर विधान सभा सदस्य निर्वाचित होने की राह चुनी। वर्तमान में विधायक हैं एवं लोक निर्माण विभाग उनके मातहत आता है।
चुनावी लड़ाई और जीत
हालांकि सार्वजनिक डाक्यूमेंट्स में अभी यह जानकारी स्पष्ट नहीं मिल पाई कि कितने वोटों से उन्होंने अपने निर्वाचन क्षेत्र से जीत हासिल की — यानी उनका वोटों का मार्जिन, मतों की संख्या आदि का ठोस आंकड़ा सार्वजनिक स्रोतों में नहीं दिखता।
यदि आप चाहें, तो मैं उनके निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव परिणामों की वोटों की विस्तार से जानकारी खोज सकता हूँ (मतगणना रिपोर्ट आदि में) और आपको दे सकता हूँ।
विकास कार्य: क्या किया, क्या हो रहा है
अभी तक सार्वजनिक अभिलेखों व मीडिया रिपोर्टों में कमल मरस्कोले के द्वारा किए या प्रारंभ किए गए कुछ विकास कार्यों के विवरण नहीं मिल पाए हैं — खासकर “कितने पैसे खर्च हुए”, “कौन-कौन से प्रोजेक्ट पूरे हुए” आदि ब्योरे।
लेकिन उनके राजनीतिक पृष्ठभूमि और उनकी सक्रिय भूमिका देखकर ये बातें निश्चित लगती हैं कि:
- उन्होंने शिक्षा सम्बन्धी कामों पर ध्यान दिया है — सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज आदि से जुड़े मामलों में संपर्क पता है।
- आदिवासी एवं कमजोर वर्गों के विकास, सहायक योजनाओं की पहल एवं सामाजिक न्याय उनके एजेंडे में प्रमुख था।
- ग्रामीण इलाकों में बुनियादी जरूरतों जैसे सड़क, पानी, बिजली, नालियों‑नालों आदि के कामों की माँग उनके संसदीय, विधानसभा गतिविधियों में रही होगी।
अगर ये सुझाव हो सके, तो इस तरह के अखबार लेख के लिए कुछ सूचना और ज़रूरी होंगी:
- उनके निर्वाचन क्षेत्र से आख़िरी चुनाव में जीत का मार्जिन (वोटों की संख्या)।
- प्रमुख विकास कार्य जो उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र में पूरा करवाए — जैसे सड़क, बिजली, शिक्षा भवन, अस्पताल, पेयजल, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आदि।
- जनता की क्या अपेक्षाएँ थीं और उनकी उन अपेक्षाओं के लिए क्या कदम उठाये गए।
