रिपोर्ट, हर्ष उपाध्याय: विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप टोक्यो 2025 के पुरुष भाला फेंक फाइनल में भारत के नीरज चोपड़ा ने काफी खराब खेल का परिचय दिया। उन्होंने पहले प्रयास 83.65 मीटर का रहा। दूसरे प्रयास में 84.03 मीटर का रहा था। शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। शुरुआती दोनों प्रयासों में 85 मीटर भी छू नहीं सके। जब तीसरा प्रयास फाउल हुआ। तब वे आठवीं स्थान पर थे। फाइनल में अपनी लय में नजर नहीं आ रहे थे। चौथे प्रयास 82.86 मीटर का रहा। इसके बाद उन पर आखिरी मौका था कि वह टॉप 6 में जगह बनाकर छठवां प्रयास भी कर सके। लेकिन पांचवें प्रयास में फाउल कर वे आठवें स्थान पर रहकर फाइनल से बाहर हो गए। 27 इवेंट में पहली बार ऐसा हुआ कि वह टॉप 2 में नहीं जा पाए।
•सचिन यादव 40 सेंटीमीटर से कांस्य पदक चूके
विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप टोक्यो 2025 के पुरुष भाला फेंक में सबकी निगाहें नीरज चोपड़ा पर थी लेकिन सचिन यादव ने अपना सर्वश्रेष्ठ खेल दिखाते हुए लोगों का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने पहले ही प्रयास में 86.27 मीटर की शानदार थ्रो लगाकर अपने पर्सनल बेस्ट हासिल किया। उसके बाद दूसरा प्रयास फाउल रहा। तीसरे, चौथे और पांचवें प्रयास 85.71, 84.90 और 85.96 का रहा। उन्होंने लगातार 85 मीटर के करीब थ्रो किए। लेकिन उन्हें कांस्य के लिए 86.67 से अधिक की थ्रो करनी थी। जिसमें उनका छठवां प्रयास भी 80.95 मीटर का विफल रहा।
भले ही उन्होंने कोई पदक अपने नाम नहीं किया लेकिन भारत के लिए उम्मीद के रूप में आखिरी तक खड़े रहे। उनके शानदार प्रदर्शन से भारत को एक युवा सितारा मिल गया। जब उन्होंने पहले ही प्रयास में अपना पर्सनल बेस्ट रिकॉर्ड तोड़ा तभी समझ आ गया था कि यह युवा खिलाड़ी भारत का कल बन सकता है।
इस इवेंट में स्वर्ण पदक लंदन ओलंपिक 2012 के गोल्ड मेडलिस्ट त्रिनिदाद और टोबैगो के केशोर्न वाल्कोट रहें।
