गीत : मध्यप्रदेश में आदिवासी समाज के गौरव और राष्ट्र निर्माण का संगम करने वाला (महापर्व आदि सेवा पर्व)17 सितंबर से 2 अक्टूबर 2025 तक मनाया जाएगा। यह पर्व आदिवासी बहुल अंचलों में सेवा, संकल्प और समर्पण की भावना जगाने का महत्त्वपूर्ण अवसर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने जन्मदिन के अवसर पर धार जिले के ग्राम भैसोला में इस ऐतिहासिक अभियान का शुभारंभ करेंगे।

मुख्य उद्देश्य
इस पर्व का उद्देश्य है जनजातीय इलाकों में स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, कौशल विकास, आजीविका संवर्धन, स्वच्छता, जल संरक्षण तथा पर्यावरण सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में सेवात्मक गतिविधियों को बढ़ावा देना। साथ ही, सरकार का यह प्रयत्न होगा कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में गाँव‑विकास की योजना बनाई और समय‑बद्ध तरीके से लागू हो।

नेतृत्व और तैयारी
आदि कर्मयोगी अभियान के अंतर्गत बड़ी संख्या में मास्टर ट्रेनर्स और स्थानीय नेतृत्व तैयार किया गया है। इन प्रशिक्षण‑शृंखलाओं में राज्य, जिला, ब्लॉक स्तर पर दल बनाए गए हैं। इनके माध्यम से गाँव‑गाँव सेवा गतिविधियों का संचालन होगा। लगभग 3,03,233 चेन्ज लीडर्स तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है, जिनमें शिक्षक, डॉक्टर, सामाजिक कार्यकर्ता, युवाओं, स्वयंसेवकों एवं आदिवासी प्रतिनिधियों की भागीदारी होगी।

ग्रामीण एवं जनजातीय विकास योजनाएँ
पर्व के दौरान प्रत्येक जनजातीय गांव में ट्राइबल विलेज एक्शन प्लान और ट्राइबल विलेज विज़न 2030 तैयार की जाएँगी, ताकि गाँव‑स्तर पर दीर्घकालिक विकास का रोडमैप बन सके। ग्राम पंचायतों में विशेष ग्रामसभा होगी जहाँ इन योजनाओं को अंतिम रूप देते हुए अनुमोदित किया जाएगा। ग्राम विकास केंद्रों (आदि सेवा केन्द्रों) की स्थापना होगी, जहां शिकायत निवारण और सेवा वितरण की सुविधा सुनिश्चित की जाएगी।

सेवा गतिविधियाँ और विभागीय समन्वय
स्वास्थ्य शिविर, पोषण संबंधी जागरूकता कार्यक्रम, शिक्षा‑सम्बंधी कार्यशालाएँ, कौशल विकास की गतिविधियाँ, स्वच्छता अभियानों के साथ वृक्षारोपण एवं जल संरक्षण जैसे कार्यक्रम पूरे पर्व में आयोजित होंगे। ग्राम‑स्तर पर विकास आवश्यकताओं का आकलन होगा। सरकार के कई विभाग-जैसे जनजातीय कार्य, स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, पंचायती राज, वन‑पर्यावरण एवं जल जीवन मिशन-मिलकर सक्रिय भूमिका निभाएँगे।

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