Sushila Karki

आदेश चौहान: 12 सितंबर 2025  की शाम 9:45 बजे राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने सुशीला कार्की को प्रधानमंत्री पद की शपथ दिलाई गई. सुशीला कार्की नेपाल की पहली महिला प्रधान न्यायाधीश है.11 जुलाई 2016 को नेपाल की पहली महिला प्रधान न्यायाधीश के रूप में सुशीला कार्की की नियुक्ति हुई थी.

Gen Z  ने सुशीला कार्की को ही क्यों चुना ?

नेपाल में,  सुशीला कार्की के अलावा बालेंद्र शाह, कुलमन घीसिंग जैसे नेताओं का नाम भी प्रधानमंत्री की रेस में था. लेकिन सुशीला कार्की पर युवाओं ने ज्यादा भरोसा दिखाया, क्योंकि सुशीला कार्की ने न्यायाधीश रहते हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ कई साहसिक फैसले लिए थे . उस समय के तत्कालीन संचार मंत्री जे.पी गुप्ता को दोषी ठहराना, लोकमान सिंह कार्की को प्राधिकरण के दुरुपयोग की जांच आयोग से हटाना शामिल था. ये निर्णय बेहद अविश्वसनीय था. नेपाल के इतिहास में यह पहली बार था जब किसी मौजूदा मंत्री को अदालत के कटघरे से  हथकड़ी पहनाकर सीधे जेल भेज दिया गया.

Gen Z प्रदर्शनकारियों की मांगे
पहली मांग – मौजूदा संसद को भंग करना यह मांग मान ली गई है. दूसरी मांग – 8 से 9 सितंबर को जो प्रदर्शनकारी युवा मरे गए और उनके खिलाफ शूट एट साइट के भी ऑर्डर दिए गए उसकी भी जांच हो.

तीसरी मांग – के पी शर्मा ओली और उनकी सरकार में रहे मंत्रियों की संपत्तियों की जांच हो.

कब तक अंतरिम सरकार चलाएंगी सुशीला कार्की
आपको बता दे कि, सुशीला कार्की के प्रधानमंत्री  बनाने के 12  सितंबर से लेकर अगले 6 महीने के भीतर नेपाल में  नए सिरे से चुनाव होंगे. चुनाव को निष्पक्षता से करने की जिम्मेदारी भी GenZ ने सुशीला कार्की को दी है. इस लिहाज से जब तक नए सिरे से चुनाव नहीं हो जाते और नए स्थाई प्रधानमंत्री का चुनाव नहीं हो जाता ,तब तक सुशीला कार्की ही नेपाल की प्रधानमंत्री रहेंगी.

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