कामना कासोटिया भोपाल:

“विकास, समर्पण और सेवा की मिसाल – कुंवर सिंह टेकाम”

धौहनी की धरती से उठी एक सशक्त राजनीतिक आवाज़ — कुंवर सिंह टेकाम, जो न केवल जनप्रतिनिधि हैं, बल्कि जनविश्वास के प्रतीक भी बन चुके हैं। चार बार से लगातार विधायक चुने जाने वाले टेकाम जी ने क्षेत्रीय विकास, सामाजिक सेवा और जनकल्याण के क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ हासिल की हैं।

आदिवासी समुदाय की नब्ज़ को समझते हुए, उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई और बुनियादी ढांचे में ठोस पहल की है। उनकी छवि एक सुलझे हुए, ज़मीनी नेता की है, जो नारे नहीं, कार्यों से बात करते हैं।

भाजपा की नीतियों को गांव-गांव तक पहुँचाने और लोगों की समस्याओं को सरकार तक ले जाने में उन्होंने अग्रणी भूमिका निभाई है।

चुनाव परिणाम और जीत का अंतर

वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में, कुंवर सिंह टेकेम ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की कमलेश सिंह को 3321 वोटों के अंतर से पराजित करते हुए अपने क्षेत्र में चौथी बार जीत दर्ज की ।
उन्होंने कुल 82,063 वोट हासिल किए, जबकि कमलेश सिंह को 78,742 वोट प्राप्त हुए । यह मतों का अंतर जीत की स्पष्ट तस्वीर पेश करता है, जो भाजपा प्रत्याशी की मजबूत पकड़ को दर्शाता है।

चुनावी इतिहास – लगातार जीत का सिलसिला

टेकेम जी ने 2008 से लगातार जीत का सिलसिला बनाए रखा है।

  • 2008: कांग्रेस के तिलकराज सिंह उइके को करीब 19,001 वोटों के अंतर से हराया ।
  • 2013: फिर से तिलकराज सिंह उइके को बड़ी मार्जिन से हराया गया ।
  • 2018: कमलेश सिंह (कांग्रेस) को 3,793 वोटों के अंतर से पराजित किया ।
  • 2023: इसके बाद अगली जीत 3,321 वोटों के अंतर से मिली ।

यह लगातार चारवीं जीत दर्शाती है कि टेकेम जी का क्षेत्र में जनसमर्थन बहुत मजबूत है।

क्षेत्र में विकास कार्य और चुनौतियाँ

धौहनी विधानसभा क्षेत्र आदिवासी बहुल है और इसमें दोनों—सीधी और सिंगरौली जिले—के कुछ हिस्से आते हैं। इस वजह से जनता को विकास और प्रशासनिक कार्यों हेतु कई जटिलता झेलनी पड़ती है ।

विकास कार्य:

  • लाडली बहना योजना का सीधा असर क्षेत्र में दिखाई दिया, जिसके चलते टेकेम जी को भारी जनसमर्थन मिला और यह उनके लिए जीत में सहायक रहा ।

क्षेत्र में समस्याएँ:

  • धौहनी में कई जगहों पर भूमि लेने के बावजूद उद्योग-धंधे अभी तक स्थापित नहीं हुए, जिससे क्षेत्र में बेरोजगारी और पलायन की समस्या गंभीर बनी हुई है ।
  • उद्योग विकास की कमी के कारण युवा रोजगार के अवसरों से वंचित हैं और क्षेत्र में सहज जीवन कठिन है ।
  • साथ ही, जागरूकता की कमी और प्रशासनिक बाधाएं भी विकास में रुकावटें पैदा करती हैं ।


कुंवर सिंह चौथी बार विधायक चुने, 3321 वोटों से हासिल की जीत


धौहनी (सीधी) – भाजपा के कुंवर सिंह टेकेम ने चौथी बार धौहनी विधानसभा क्षेत्र से जीत की झंडी गाड़ी है। उन्होंने कांग्रेस की कमलेश सिंह को बेहद करीबी मुकाबले में मात्र 3321 वोटों के अंतर से मात दी। कुल वोटों की बात करें तो टेकेम जी को 82063, जबकि कमलेश सिंह को 78742 वोट मिले। यह उनकी छठी नहीं, चौथी लगातार जीत है।

2008 से ही उनकी जीत का सिलसिला चलता आ रहा है; 2008 और 2013 में उन्होंने कांग्रेस को भारी अंतर से हराया, केंद्र की योजनाओं जैसे ‘लाडली बहना’ योजना का लाभ क्षेत्र में दिखा, जिससे जनसमर्थन और मजबूत हुआ।

चुनाव के बाद क्षेत्रवासी उम्मीद जता रहे हैं कि बेरोजगारी और पलायन जैसी बड़ी समस्या पर टेकेम जी ध्यान देंगे। इस क्षेत्र में उद्योग-धंधा खड़ा करने की पहल नहीं हुई है, जबकि जमीन कई कंपनियों ने जरूर ले रखी है। युवाओं को रोजगार मिले, नये उद्योग आए, और प्रशासनिक परेशानियां कम हों—ये क्षेत्रवासी अब डीएम से सीधे विधायक तक से चाहते हैं।

भाजपा के त्वरित विकास व जनकल्याण योजनाओं के भरोसे, टेकेम कुंवर सिंह ने अपने क्षेत्र में फिर से अपने विश्वास का जश्न मनाया है।

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