कामना कासोटिया भोपाल:

परिचय

मध्य प्रदेश की विधानसभा सीट देवसर (निर्वाचन क्षेत्र क्रमांक 81 – अनुसूचित जाति आरक्षित) से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के श्री राजेन्द्र मेष्राम ने अपनी लोकप्रियता व जनसेवा की मिसाल प्रस्तुत करते हुए चौथी पारी जीत दर्ज की है। हाल ही में सम्पन्न हुए 2023 विधानसभा चुनाव में उन्होंने कांग्रेस के प्रत्याशी बंशनमि प्रसाद वर्मा को भारी मतों से पराजित किया। इस रिपोर्ट में हम उनके राजनीतिक जीवन, शैक्षणिक पृष्ठभूमि और निर्वाचन इतिहास का समूचित विवरण प्रस्तुत कर रहे हैं।

व्यक्तिगत पृष्ठभूमि

  • पिता का नाम: स्व. श्री नथुलाल मेष्राम
  • जन्मतिथि: 15 अगस्त 1961
  • जन्मस्थान: आगवाड़ा, तहसील – कटंगी, जिला – बालाघाट
  • वैवाहिक स्थिति: विवाहित, पत्नी का नाम – श्रीमती ललिता मेष्राम, संतान – 2 पुत्र
  • शैक्षणिक योग्यता: हायर सेकेंडरी (कक्षा 12) के बाद डी. फार्मा (फार्मेसी डिप्लोमा)
  • वर्तमान व्यवसाय / रुचियाँ: कृषि, समाज सेवा, संगीत सुनना, ध्यान करना
  • स्थायी पता: बी‑19, एन.एस.सी., जयंत एन.सी.एल., पोस्ट – जयंत, जिला – सिंगरौली (म.प्र.)

राजनीतिक सफर

राजेन्द्र मेष्राम का पहला मुख्यमंत्री बनने जैसा पहला सफ़र 2013 में हुआ, जब उन्होंने पहली बार विधायक के रूप में देवसर से जीत हासिल की थी। 2013 की जीत में उन्होंने स्वतंत्र उम्मीदवार बंशनमि प्रसाद वर्मा को 33,214 मतों के भारी अंतर से पराजित किया था ।

2018 में हालांकि वे मैदान में नहीं थे, लेकिन भाजपा ने वहाँ से श्री सुब्हाष राम चरित्रा को उतारा, जो 10,678 मतों की बढ़त से जीत हासिल कर पाए ।

2023 का चुनाव और परिणाम

  • 2023 विधानसभा चुनाव में राजेन्द्र मेष्राम ने भाजपा के प्रत्याशी के रूप में फिर से मैदान संभाला।
  • उन्होंने कांग्रेस के बंशनमि प्रसाद वर्मा को करारी शिकस्त दी और 88,660 मतों के साथ जीत दर्ज की ।
  • उनकी यह जीत 22,454 वोटों के अंतर से हुई, जो कि एक निर्णायक और स्पष्ट फैला हुआ अंतर है ।
  • इसके अलावा विवरण अनुसार – राजेन्द्र मेष्राम को कुल 46.07% वोट मिले, जबकि बंशनमि प्रसाद वर्मा को 34.40% ही प्राप्त हुआ ।

जीत का विश्लेषण और प्रभाव

  1. भारी मतों से जीत
    जीत का अंतर दोनों (2013 और 2023) में स्पष्ट रूप से बहुत व्यापक था – 33,214 और 22,454 वोट। यह दर्शाता है कि उन्हें जनसमर्थन लगातार और मजबूत रहा।
  2. स्थिरता और अनुभव
    2013 से अब तक के प्रचंड जनाधार ने दर्शाया कि अपनी जनसेवा, स्थानीय मामलों में सक्रियता और गाँव-शहर के साथ उनकी बांध दर्शक मजबूत रहे।
  3. प्रतिद्वंद्वियों की स्थिति
    कांग्रेस का प्रत्याशी बंशनमि प्रसाद वर्मा, चाहे स्वतंत्र के रूप में (2013) या कांग्रेस से (2023), उपयुक्त प्रतिस्पर्धा दिखाने में असमर्थ रहे। दोनों बार वे दूसरे पायदान पर रहे।
  4. विविध सामाजिक आधार
    कृषि, समाज सेवा और योग व ध्यान जैसी सार्वजनिक रुचियों ने आम जनता में एक सकारात्मक संबंध स्थापित किया। साधारण और धरातलीय छवि के कारण लोग उनसे जुड़ाव महसूस करते हैं।

देवसर (81) विधान सभा क्षेत्र में भाजपा के श्री राजेन्द्र मेष्राम ने चार वर्षों में व दो बार (2013 और 2023) विधानसभा चुनावों में चुनाव जीता – दोनों बार तीव्र मत अंतर से। 2013 में 33,214 वोट, और 2023 में 22,454 वोट से जीत उनकी दृढ़ लोकप्रियता का परिचायक है। उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि, पारिवारिक जीवन, सामाजिक प्रतिबद्धता और सरल शैली ने उन्हें अन्य प्रत्याशियों से अलग खड़ा रखा। आने वाले समय में वह क्षेत्र के विकास व आवश्यक जनकल्याण के कार्यों में निरंतर सक्रिय रहने की उम्मीद रखते हैं।

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