रिपोर्ट रोहित रजक भोपाल। मध्यप्रदेश की राजनीति के कद्दावर नेता नरेंद्र सिंह तोमर भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ चेहरों में गिने जाते हैं। लंबे समय तक केंद्र सरकार में मंत्री रहे तोमर अब प्रदेश की राजनीति में सक्रिय हैं और 2023 में विधानसभा चुनाव जीतकर मध्यप्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष बने।
व्यक्तिगत जीवन
नरेंद्र सिंह तोमर का जन्म 12 जून 1957 को ग्वालियर जिले के मुरार क्षेत्र में हुआ। उनके पिता श्री मुंशी सिंह तोमर एक किसान परिवार से थे। शिक्षा उन्होंने जिवाजी विश्वविद्यालय से स्नातक तक प्राप्त की। उनकी पत्नी का नाम किरण तोमर है और परिवार में दो बेटे व एक बेटी हैं।
राजनीतिक करियर
शुरुआती दौर
छात्र राजनीति से शुरुआत की और 1979–80 में मुरार कॉलेज के छात्र संघ अध्यक्ष बने।
1983 से 1987 तक ग्वालियर नगर निगम में पार्षद चुने गए।
विधायक के रूप में
1998 में पहली बार ग्वालियर से विधायक बने और लगातार दो बार (1998–2008) विधानसभा पहुंचे।
इसी दौरान संगठन में सक्रिय रहते हुए वे मध्यप्रदेश भाजपा अध्यक्ष भी बने।
सांसद और केंद्रीय मंत्री
2009 में पहली बार लोकसभा सांसद बने।
इसके बाद ग्वालियर और मुरैना दोनों क्षेत्रों से सांसद रहे।
केंद्र की मोदी सरकार (2014–2023) में उन्होंने कई अहम मंत्रालय संभाले —
श्रम एवं रोजगार
शहरी विकास
ग्रामीण विकास और पंचायत राज
खनन एवं इस्पात
कृषि एवं किसान कल्याण
संसदीय कार्य मंत्रालय
वर्तमान भूमिका
2023 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने Dimani सीट से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की।
इसके बाद उन्हें मध्यप्रदेश विधानसभा का सभापति (स्पीकर) चुना गया।
चुनावी जीत–हार के आंकड़े
लोकसभा चुनाव 2019 – Morena
नरेंद्र सिंह तोमर (भाजपा) : 5,41,689 वोट
रामनिवास रावत (कांग्रेस) : 4,28,348 वोट
जीत का अंतर : 1,13,341 वोट
विधानसभा चुनाव 2023 – Dimani
नरेंद्र सिंह तोमर (भाजपा) : लगभग 79,137 वोट
बलवीर सिंह दंडोतिया (बसपा) : लगभग 54,676 वोट
जीत का अंतर : 24,461 वोट
नरेंद्र सिंह तोमर का राजनीतिक जीवन यह दर्शाता है कि एक साधारण किसान परिवार से निकलकर मेहनत और संगठनात्मक कौशल के बल पर कोई नेता राष्ट्रीय स्तर तक पहुँच सकता है। पार्षद से लेकर केंद्रीय मंत्री और अब विधानसभा अध्यक्ष बनने तक का उनका सफर लगातार संघर्ष, अनुभव और नेतृत्व क्षमता की मिसाल है।
