रिया सिन्हा: महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। कई जिलों में मराठा संगठनों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए सरकार से तुरंत आरक्षण लागू करने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों की मांग
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि मराठा समाज लंबे समय से शिक्षा और नौकरियों में आरक्षण की मांग कर रहा है। हाल ही में राज्य सरकार द्वारा आरक्षण के मुद्दे पर कोई ठोस निर्णय न लेने से लोगों का आक्रोश और बढ़ गया है। कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों ने रैलियाँ निकालीं और सरकार के खिलाफ नारेबाज़ी की।
सड़क और रेल यातायात प्रभावित
आरक्षण आंदोलन का असर आम जनजीवन पर भी देखने को मिला। औरंगाबाद, जलना और बीड समेत कई जिलों में सड़कें जाम हो गईं। कुछ इलाकों में रेल यातायात भी प्रभावित रहा। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही समाधान नहीं निकाला गया, तो आंदोलन और उग्र हो सकता है।
सरकार की प्रतिक्रिया
राज्य सरकार ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि मराठा समाज की मांगों पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है और जल्द ही इस मुद्दे पर बैठक बुलाई जाएगी। सरकार का दावा है कि वह सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुसार ही कदम उठाएगी ताकि कानूनी पेचीदगियाँ ना हों। सरकार के 4 मंत्रियो के आश्वाशन मिलने के बाद मनोज जरानगे पाटिल ने प्रदर्शन वापस लिया

