Kajal Jatav: क्या आप जानते हैं कि एक छोटा सा किस्सा भी बहुत बड़ी तरक्की का राज़ हो सकता है या मजाक में कही हुई बात को कैसे धुन में पिरोया जा सकता है? बात छोटी है, मगर साथ ही असरदार भी है।

बात 90 के दशक की है। 1994 में सैफ अली खान और अक्षय कुमार की एक फिल्म आई, ‘ये दिल्लगी’, जिसका एक गाना इतना मशहूर हुआ कि वह गाना भले ही पुराना हो गया हो, लेकिन आज भी लोगों के दिलों में ज़िंदा है। गाने के बोल थे ‘ओले-ओले’

उस वक्त समीर सेन और दिलीप सेन की जोड़ी को सुपरहिट म्यूजिक कम्पोज़र के रूप में देखा जाता था। हालांकि गाने को गाया अभिजीत भट्टाचार्य ने, जिनकी आवाज के हम सब दीवाने हैं। गाना हिट तो हो गया, मगर इसके पीछे की कहानी शायद बहुत कम लोगों को पता है।

आखिर क्या थी कहानी
दरअसल, हुआ यूं कि एक बार समीर और दिलीप अपनी कार में कहीं जा रहे थे, तभी अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश के कारण उन्होंने अपनी कार एक जगह खड़ी कर दी। तभी तेज बारिश और ओलों की मार कार पर पड़ने लगी। ओलों की आवाज सुनकर ही समीर ‘ओले-ओले’ बोल यूं ही गुनगुनाने लगे, और तभी उन्हें ये खयाल आया कि क्यों न इन्हीं बोल को और ज्यादा शब्दों में पिरो कर एक गाना बना दिया जाए! बस फिर क्या था, समीर और दिलीप ने गाना बनाया और गाया अभिजीत भट्टाचार्य ने, जिनकी आवाज ने गाने में जान डाल दी।


खैर, गाना ऐसे ही रिलीज नहीं हो गया, यहां भी एक दिलचस्प किस्सा है। जब गाना बनकर तैयार हो गया, तो इसे निर्देशक यश चोपड़ा को सुनाने की बारी आई। ओले-ओले के साथ 2 और गाने थे, जिन्हें सुनाया जाना था। समीर और दिलीप, वो 2 गाने, पहले सुना दिए क्योंकि उन्हें लगा कि ओले-ओले गाना अच्छा नहीं बना है। लेकिन दोनों ही गाने रिजेक्ट कर दिए गए। फिर जब कोई विकल्प नहीं बचा, तो तीसरा गाना भी सुना दिया गया। गाने को सुनकर यश चोपड़ा हंसे और कहा कि ये गाना तो अभी से हिट है, जिसे सुनकर समीर और दिलीप भी हैरान रह गए।

यहां, निर्देशक यश चोपड़ा की बात खरी साबित हुई; गाना सुपरहिट हो गया। जिस गाने को वे अच्छा नहीं समझ रहे थे, उसने आखिरकार धूम मचा दी। बस यही कहानी थी एक साधारण सी बात को एक सुपरहिट गाने में तब्दील होने की।

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