इंदौर की 23 वर्षीय श्रद्धा तिवारी की गुमशुदगी और फिर शादी की कहानी ने मध्य प्रदेश में सनसनी मचा दी है। श्रद्धा सात दिन पहले अचानक अपने घर से लापता हो गई थीं, जिसके बाद उनके पिता ने ₹51,000 का इनाम घोषित किया था। गुरुवार देर रात श्रद्धा अपने पति करणदीप के साथ इंदौर लौटीं और थाने में पेश हुईं। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपनी इच्छा से महेश्वर स्थित एक मंदिर में करणदीप से शादी की। इस मामले में एक नया मोड़ तब आया जब यह पता चला कि श्रद्धा का खरगोन से भी संबंध है, जिससे पूरे घटनाक्रम की परतें खुलने लगीं।
गुमशुदगी से शादी तक का सफर
श्रद्धा के लापता होने के बाद उनके पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और उनकी खोज में जुट गए। सीसीटीवी फुटेज में श्रद्धा की आखिरी तस्वीर सामने आई, जिसमें वह अकेली दिख रही थीं। उनके बिना मोबाइल के घर से निकलने से परिजन चिंतित थे। फिर अचानक खबर आई कि श्रद्धा अपने पति करणदीप के साथ इंदौर लौट आई हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपनी मर्जी से शादी की और किसी ने उन्हें जबरदस्ती नहीं किया।
खरगोन कनेक्शन का खुलासा
जांच में यह सामने आया कि श्रद्धा और करणदीप का खरगोन से गहरा संबंध है। महेश्वर, जो खरगोन जिले में स्थित है, वहां के एक मंदिर में दोनों ने शादी की। यह मंदिर श्रद्धा के परिवार के लिए नया नहीं था, बल्कि उनके परिवार का वहां आना-जाना था। इससे यह संकेत मिलता है कि श्रद्धा और करणदीप की मुलाकातें पहले से ही होती रही थीं।
पिता ने उठाए सवाल
श्रद्धा के पिता ने बेटी की मानसिक स्थिति पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने अदालत से अपील की है कि श्रद्धा और करणदीप को अलग-अलग रखा जाए, ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके। उन्होंने अदालत से 10 दिन की मोहलत मांगी है ताकि सभी पहलुओं की जांच की जा सके।
पुलिस की जांच जारी
पुलिस इस मामले की गहन जांच कर रही है। वह यह जानने की कोशिश कर रही है कि श्रद्धा की गुमशुदगी और फिर शादी के पीछे क्या कारण थे। पुलिस ने दोनों के बयान दर्ज किए हैं और मामले की जांच जारी है।
यह मामला न केवल एक युवती की गुमशुदगी और शादी की कहानी है, बल्कि यह समाज में प्रेम, परिवार और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के मुद्दों पर भी सवाल उठाता है। आगे की जांच से इस पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आएगी।
स्रोत (Source):
- इंदौर पुलिस की गुमशुदगी रिपोर्ट (FIR नंबर — दर्ज 2025)
- जिला अदालत, इंदौर में दायर अभिभावक याचिका
- महेश्वर मंदिर विवाह पंजीकरण दस्तावेज़
- स्थानीय प्रशासनिक रिकॉर्ड (खरगोन ज़िला कार्यालय)
