गीता : भोपाल के ऐशबाग इलाके में बने आरओबी यानी रोड ओवर ब्रिज पर एक 90 डिग्री का तीखा मोड़ है। इस मोड़ की वजह से लोगों को रोजाना परेशानी होती है और हादसों का भी खतरा बना रहता है। इस मोड़ को सुधारने के लिए पिछले 82 दिनों से काम चल रहा है। लोक निर्माण विभाग (PWD) ने अब इस मोड़ को सुधारने के लिए एक नया डिजाइन तैयार किया है। उनका दावा है कि यह नया डिजाइन मोड़ को आसान और सुरक्षित बना देगा।
पीडब्ल्यूडी के इंजीनियरों की योजना पर पूरा भरोसा नहीं है।
लेकिन रेलवे ने इस डिजाइन को अभी हरी झंडी नहीं दी है। रेलवे अधिकारियों का साफ कहना है कि पहले उनके इंजीनियर इस डिजाइन की जांच करेंगे। जांच के बाद ही तय होगा कि यह डिजाइन फाइनल होगा या नहीं।इससे यह साफ होता है कि रेलवे को पीडब्ल्यूडी के इंजीनियरों की योजना पर पूरा भरोसा नहीं है।
हालांकि, रेलवे का कहना है कि वह सिर्फ तकनीकी जांच के बाद ही कोई फैसला लेना चाहता है, ताकि भविष्य में कोई गलती न हो। अब सवाल ये है कि ये जांच कब पूरी होगी और जनता को कब तक राहत मिलेगी।
प्रेजेंटेशन देखने के बाद तैयार किया जा रहा ड्राफ्ट :
पीडब्ल्यूडी ने हाल ही में ऐशबाग आरओबी के मोड़ को सुधारने के लिए बनाए गए नए डिजाइन का प्रेजेंटेशन केंद्रीय एक्सपर्ट कमेटी के सामने दिया। इसके बाद करीब चार दिन पहले कमेटी के सदस्य, रेलवे और पीडब्ल्यूडी के अधिकारी मौके पर पहुंचे और साइट का निरीक्षण किया। फिलहाल एक्सपर्ट कमेटी इस डिजाइन की सभी बारीकियों की जांच कर रही है।
82 दिन से चल रही माथापच्ची :
तकनीकी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए कमेटी ड्राफ्ट को अंतिम रूप देने में जुटी है। 82 दिन से चल रही माथापच्ची : आठ जून को पहली बार ऐशबाग आरओबी की खामी उजागर हुई थी। तब से इसे सुधारने के प्रयास लगातार जारी हैं। पीडब्ल्यूडी ने करीब 82 दिन बाद मोड़ को सुधारने के लिए नया डिजाइन बनाया। इस डिजाइन में सबसे अहम बदलाव मोड़ के रेडियस को लेकर किया गया है। जहां पहले रेडियस केवल छह मीटर था, वहीं अब इसे बढ़ाकर 16.7 मीटर करने का प्रस्ताव है। इंजीनियरों का मानना है कि इससे मोड़ सुरक्षित और सुगम होगा।
