रिया सिन्हा: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने दो दिवसीय जापान दौरे की शुरुआत की है। इस यात्रा का उद्देश्य भारत और जापान के बीच रणनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक सहयोग को और मज़बूत करना है। यह दौरा एशिया-प्रशांत क्षेत्र में बदलते भू-राजनीतिक परिदृश्य के बीच दोनों देशों की साझेदारी को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है।
द्विपक्षीय वार्ता और समझौते
प्रधानमंत्री मोदी और जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा के बीच हुई मुलाकात में रक्षा, प्रौद्योगिकी, व्यापार और ऊर्जा सुरक्षा जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। दोनों देशों ने रक्षा सहयोग बढ़ाने और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में स्थिरता के लिए संयुक्त सैन्य अभ्यासों को और मज़बूत करने का निर्णय लिया। साथ ही, जापान ने भारत में हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट में अतिरिक्त निवेश का आश्वासन दिया।
व्यापार और निवेश पर जोर
दौरे के दौरान कई समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए गए, जिनमें नवीकरणीय ऊर्जा, डिजिटल प्रौद्योगिकी और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास शामिल हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने जापानी कंपनियों को भारत में निवेश के लिए आमंत्रित किया और “मेक इन इंडिया” अभियान में उनकी भागीदारी पर बल दिया। जापानी कंपनियों ने भारत में 75,000 करोड़ रुपये के नए निवेश की घोषणा की है।
सांस्कृतिक और शैक्षिक सहयोग
इस दौरे में शिक्षा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को भी प्राथमिकता दी गई। दोनों देशों ने छात्रवृत्ति कार्यक्रम और शोध परियोजनाओं पर मिलकर काम करने का संकल्प लिया। प्रधानमंत्री मोदी ने टोक्यो में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि भारत और जापान की दोस्ती “ग्लोबल पीस और प्रॉस्पेरिटी” की नींव है।

