रिया सिन्हा: अमेरिका द्वारा भारतीय उत्पादों पर 50% टैरिफ (शुल्क) लगाने के बाद भारत ने अपने कपड़ा निर्यात को बढ़ावा देने के लिए 40 देशों में विशेष आउटरीच कार्यक्रम शुरू करने की योजना बनाई है।
40 देशों में विशेष प्रचार
भारत का लक्ष्य है कि अमेरिका पर निर्भरता कम की जाए और अन्य देशों में भारतीय टेक्सटाइल (Textile) की पहचान बनाई जाए। इसके लिए सरकार ने ऑस्ट्रेलिया, बेल्जियम, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, मैक्सिको, दक्षिण कोरिया, यूएई, ब्रिटेन जैसे देशों को चुना है। इन देशों में भारतीय मिशनों और एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल्स (EPCs) की मदद से उत्पादों का प्रचार-प्रसार किया जाएगा।
समझौते नहीं, बल्कि निर्यात बढ़ाने की रणनीति
यह 40 देशों की पहल कोई औपचारिक व्यापार समझौता (FTA) नहीं है, बल्कि मार्केटिंग और निर्यात बढ़ाने की रणनीति है। भारत चाहता है कि इन देशों में अपने कपड़ों को भरोसेमंद और गुणवत्तापूर्ण विकल्प के रूप में स्थापित किया जाए।
वास्तविक व्यापार समझौते (FTAs)
भारत इन आउटरीच प्रोग्राम्स से अलग कई देशों और क्षेत्रों के साथ औपचारिक व्यापार समझौतों पर भी काम कर रहा है:
- ब्रिटेन (UK) – 24 जुलाई 2025 को ऐतिहासिक व्यापार समझौता हुआ।
- यूरोशियन इकोनॉमिक यूनियन (EAEU) – 20 अगस्त 2025 को एफटीए (FTA) वार्ता शुरू करने के लिए समझौता हुआ।
- EFTA देश (स्विट्ज़रलैंड, नॉर्वे, आइसलैंड, लिकटेंस्टाइन) – अक्टूबर 2025 से नया व्यापार समझौता लागू होगा।
- अमेरिका (US) – 2025 के अंत तक पहला चरणबद्ध व्यापार समझौता करने की कोशिश, ताकि 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार 500 अरब डॉलर तक पहुँच सके।
- यूरोपीय संघ (EU), ओमान, पेरू, चिली, न्यूज़ीलैंड जैसे देशों के साथ भी वार्ता जारी है।

