पूर्णिमा कुमारी : जाने माने कथावाचक प्रेमानंद महाराज इस समय खूब चर्चा में है। चर्चा का विषय एक मुस्लिम युवक से जुड़ा है। प्रेमानंद महाराज काफी लंबे समय से कितनी की समस्या से जूझ रहे हैं, उनकी डायलिसिस की प्रक्रिया से इलाज चल रहा है। उनके भक्तजन और सभी सनातनी उनकी सेहत को लेकर उन्हें संवेदना और सहायता की भावना व्यक्त कर रहे हैं। इतने में एक मुस्लिम युवक आरिफ खान ने अपनी एक किडनी प्रेमानंद महाराज को देने का फैसला किया है।

कौन है आरिफ खान
मध्य प्रदेश के इटारसी एक मुस्लिम युवक आरिफ रहने वाला है। आरिफ के परिवार में पिता और तीन भाई हैं मां का निधन हो चुका है। यह उसका व्यक्तिगत निर्णय है। उसने प्रेमानंद महाराज को अपनी किडनी देने का ऑफर दिया है। उसने औपचारिक तरीके से स्थानीय कलेक्टर को पत्र लिखकर अपनी मन की बात कही, आरिफ कहते हैं कि वह प्रेमानंद महाराज के प्रवचनों और समाजसेवी कार्यों से बहुत प्रभावित है।

प्रेमानंद महाराज ने किडनी लेने से किया मना

यह खबर जब प्रेमानंद महाराज के पास पहुंची तो प्रेमानंद महाराज ने आरिफ के इतने दयालु और उनके प्रति स्नेह की सराहना की, संत ने किडनी देने की इच्छा पर धन्यवाद किया और साथ ही अपने प्रतिनिधि से फोन पर आरिफ संदेश पहुंचा कि इसकी अभी कोई आवश्यकता नहीं है।प्रेमानंद महाराज उनसे बहुत प्रसन्न हुए और कहा उन्हें जल्द ही वृंदावन बुलाएंगे।
महाराज ने कहा यह भारत की एकता और अखंडता को दर्शाता है, यह एक साम्प्रदायिक एकता का जो संदेश दिया है वो कबीले तारीफ है।

आरिफ ने क्या लिखा है चिट्ठी में
आरिफ ने चिठ्ठी में लिखा, आपके आचरण और व्यवहार को देख कर में बहुत ज्यादा प्रसन हूं और आपके स्वास्थ को लेकर चिंतित भी। आपकी किडनी को लेकर सोशल मीडिया और अखबार के माध्यम ज्ञात हआ। आप महाराज हिंडसतान में हिन्दू-मुस्लिम एकता के प्रतीक हैं मैं आपको अपनी स्वेच्छा ने अपनी किडनी डोनेट करना चाहताहूं, आज ऐसे नफरती माहौल में आप जैसे संतो का संसार में रहना अति आवश्यक है, मैं रहूं न रहू आप संसार की जरुरत है, मेरे इस छोट से तुच्छ उपहार को स्वीकार करने की कृपा करें।

यह खबर बहुत तेजी से फैल रहा है l सभी लोग आईएस पर अलग-अलग तरह के टिपपानी कर रहे हैं। इस खबर से कई नेतागण के अलग अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रहीं हैं।


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