रिपोर्ट, काजल जाटव: भारतीय क्रिकेट के इतिहास में ‘दादा’ के नाम से मशहूर सौरव गांगुली अपने आक्रामक कप्तानी और जीत की मानसिकता के लिए जाने जाते हैं, और अब वह एक नए अंदाज में सामने आने वाले हैं। रविवार, 24 अगस्त को यह घोषणा हुई कि SA20 लीग की फ्रेंचाइजी प्रिटोरिया कैपिटल्स ने उन्हें अपना मुख्य कोच बनाने की जिम्मेदारी दी है। यह पहली बार है जब गांगुली को कोचिंग का मौका मिलेगा, और हर कोई इस रिशते को लेकर उत्साहित है।
कोचिंग का नया अनुभव
यह खबर खास है क्योंकि गांगुली ने पहले क्रिकेट में कई रोल निभाए हैं – खिलाड़ी, कप्तान, प्रशासक और रणनीतिकार। लेकिन कोचिंग तो उनके नए सफर की शुरुआत है। बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष और भारतीय टीम को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने वाले इस पूर्व कप्तान से उम्मीद है कि उनकी रणनीति और नेतृत्व टीम को SA20 के अगले सीजन में शानदार प्रदर्शन कराएंगे।
गांगुली जोनाथन ट्रॉट की जगह लेंगे, जो इंग्लैंड के लिए लंबी अवधि तक बल्लेबाजी कर चुके हैं और पहले प्रिटोरिया कैपिटल्स के कोच थे। यह बदलाव टीम में नई ऊर्जा और नए दृष्टिकोण लाने वाला है।
प्रिटोरिया कैपिटल्स का लक्ष्य
टीम ने अपने इंस्टाग्राम पेज पर लिखा – “राजकुमार कैपिटल्स के सफर में शाही टच लाने के लिए तैयार हैं! हमें सौरव गांगुली को नया मुख्य कोच बनाते हुए खुशी हो रही है।”
सिर्फ गांगुली ही नहीं, टीम ने दक्षिण अफ्रीका के बेहतरीन ऑलराउंडर शॉन पोलक को भी सहायक कोच के रूप में चुना है। दोनों की मिलीजुली ताकत टीम के कोचिंग स्टाफ को मजबूत कर रही है। पोलक की गेंदबाजी का अनुभव और गांगुली की कप्तानी समझ मिलकर टीम को नई दिशा दिखा सकते हैं।
गांगुली और कैपिटल्स का साथ
गांगुली का इस टीम से पुराना रिश्ता रहा है। 2018-2019 के बीच उन्होंने आईपीएल की फ्रेंचाइजी दिल्ली कैपिटल्स के टीम डायरेक्टर की भूमिका निभाई। फिर जब वह बीसीसीआई के अध्यक्ष बने, तो उस पद को छोड़ दिया।
पिछले साल गांगुली को JSW स्पोर्ट्स (जो प्रिटोरिया और दिल्ली कैपिटल्स का हिस्सा है) का क्रिकेट डायरेक्टर चुना गया था। तो उनका कोचिंग की दुनिया में आना इस कड़ी का अगला बड़ा कदम माना जा रहा है।
भारतीय टीम के कोच बनने का सपना
गांगुली ने हाल ही में कहा था कि वह अपने करियर में भारत की टेस्ट टीम के कोच बनने का सपना रखते हैं। उन्होंने कहा, “मैंने क्रिकेट में अलग-अलग रोल किए हैं – कप्तान, अध्यक्ष, डायरेक्टर – लेकिन कोच का अनुभव अभी तक नहीं है। मैं 50 साल का हूँ और इस चुनौती के लिए पूरी तरह तैयार हूँ। देखिए, भविष्य में क्या होता है।”
उनके इस बयान से साफ पता चलता है कि प्रिटोरिया के साथ उनकी कोचिंग यात्रा भारतीय टीम के कोच बनने की ओर एक कदम हो सकती है।
टीम को नई चुनौती
पिछले सीजन में प्रिटोरिया कैपिटल्स ने अच्छा प्रदर्शन नहीं किया था। टीम ने 10 मैचों में सिर्फ 2 जितें दर्ज कीं और पॉइंट्स टेबल में पांचवें स्थान पर रही। अब गांगुली का काम सबसे बड़ा होगा SA20 की नीलामी में, जहां उन्हें टीम को नया आकार देना है। उनकी रणनीति और अनुभव टीम को बेहतर बनाने में मदद करेंगे।
क्रिकेट की दुनिया में लोगों की प्रतिक्रिया
गांगुली की नई भूमिका को लेकर क्रिकेट फैंस और एक्सपर्ट्स से काफी पॉजिटिव कमेंट्स आ रहे हैं। उनका मानना है कि उनकी कप्तानी का अंदाज—आक्रामक, भरोसेमंद और टीम को समेटने वाला—अब उनके कोचिंग स्टाइल में भी दिखाई देगा। खिलाड़ियों के लिए वो सिर्फ कोच नहीं, बल्कि प्रेरणा के स्रोत बनेंगे।
सौरव गांगुली का यह नया सफर न सिर्फ उनके करियर के लिए खास है, बल्कि क्रिकेट की दुनिया में भी नया Excitement लेकर आया है। भारत के पूर्व कप्तान से उम्मीद है कि वे प्रिटीोरिया कैपिटल्स को मजबूत बनाते हुए इनसाइडर्स का विश्वास जीतेंगे, और SA20 में ट्रॉफी फिर से जीतने की राह दिखाएंगे। शॉन पोलक जैसे दिग्गज के साथ मिलकर, यह टीम नए मुकाम की ओर बढ़ रही है।
गांगुली की यह यात्रा ये साबित करती है कि “दादा” का क्रिकेट से रिश्ता कभी खत्म नहीं हो सकता। चाहे वो खिलाड़ी हों, मैनेजर हों या अब कोच—उनका हर कदम क्रिकेट के इतिहास में एक नई कहानी लिख रहा है।
