पूर्णिमा कुमारी
चेतेश्वर अरविंद पुजारा मशहूर भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी है l भारत के बेहतरीन टेस्ट बल्लेबाजों में से एक, चेतेश्वर पुजारा ने क्रिकेट के सभी प्रारूपों से 24 अगस्त 2025 को संन्यास लेने की घोषणा की। 37 वर्षीय पुजारा ने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट साझा करते हुए अपने करियर को अलविदा कहा। अपने विदाई संदेश में पुजारा ने कहा कि भारतीय जर्सी पहनना और राष्ट्रगान गाना उनके लिए शब्दों में बयां करना असंभव था। उन्होंने अपने माता-पिता, पत्नी पूजा, बेटी अदिति, और पूरे परिवार को उनके हर सफर में सहयोग और समर्थन के लिए धन्यवाद दिया।
चेतेश्वर पुजारा का अबतक का सफर
टेस्ट क्रिकेट में पुजारा ने 2010 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट डेब्यू किया था।
उन्होंने अबतक 103 टेस्ट मैच खेले और 43.61 की औसत से 7,195 रन बनाए, जिसमें 19 शतक और 35 अर्धशतक शामिल हैं।
पुजारा को क्रिकेट क्रीज में टिके रहने और शानदार प्रदर्शन से लोग उन्हें “द न्यू राहुल द्रविड़” कहा करते थे l
पुजारा ने भारत को कई ऐतिहासिक टेस्ट जीत दिलाई, खासकर ऑस्ट्रेलिया में 2018-19 की ऐतिहासिक श्रृंखला जीत में उनकी भूमिका अविस्मरणीय थी। उन्होंने उस दौरे पर 500 से अधिक रन बनाए थे।
सन्यास लेने की वजह
अंतरराष्ट्रीय मैच 2023 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल में पुजारा ने अपना आखिरी
मैच खेला था l उसके बाद वे भारतीय टीम से बाहर थे l
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) द्वारा युवा खिलाड़ियों को मौका दिए जाने के फैसले के कारण उनकी वापसी की उम्मीद कम हो गई थी।
क्रिकेट जगत के खिलाडियों ने पुजारा को भविष्य की शुभकामनाएं दी
क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर ने अपने सोशल मीडिया X पर पोस्ट करते हुए चेतेश्वर अरविंद पुजारा को विदाई के साथ भविष्य में आगे आने वाली चीजों के लिए शुभकामनाएं दीं l उन्होंने कहा ”पुजारा, आपको नंबर 3 पर बल्लेबाजी करते हुए देखना हमेशा सुकून देता था।
आपने हर बार मैदान पर शांत स्वभाव, साहस और टेस्ट क्रिकेट के प्रति गहरा प्रेम दिखाया।
आपकी ठोस तकनीक, धैर्य और दबाव में संयम टीम के लिए एक मजबूत स्तंभ रहे हैं। कई यादगार पलों में से, 2018 में ऑस्ट्रेलिया में मिली ऐतिहासिक जीत खास है, जो आपकी अविश्वसनीय दृढ़ता और मैच जिताने वाली पारियों के बिना संभव नहीं थी।
एक अद्भुत करियर के लिए बहुत-बहुत बधाई। आपके अगले सफर के लिए शुभकामनाएँ। अपनी दूसरी पारी का आनंद लें!”
गौतम गंभीर ने उन्हें “तूफान में डटे रहने वाला” और “जब उम्मीदें धूमिल हो रही थीं, तब संघर्ष करने वाला” खिलाड़ी बताया।
साइलेंट वारियर , टेस्ट क्रिकेट की दीवार को फैंस की विदाई
वह आधुनिक युग में टेस्ट क्रिकेट की आत्मा को जीवित रखने वाले कुछ चुनिंदा खिलाड़ियों में से थे। जहां आज टी20 क्रिकेट का बोलबाला है, वहीं पुजारा ने घंटों तक क्रीज पर टिके रहकर विरोधी गेंदबाजों को थकाने का काम किया। उनका धैर्य और संयम हर युवा क्रिकेटर के लिए एक सीख है।
पुजारा को धैर्य, दृढ़ता और खेल के सबसे लंबे प्रारूप के प्रति उनकी सच्ची प्रतिबद्धता के लिए याद किया जाताहै।
फैंस उन्हें साइलेंट वारियर और टेस्ट क्रिकेट की दीवार से प्रसिद्ध पुजारा को भावुक विदाई दे रहे हैं l


