ऋषिता गंगराडे़
भारत बनेगा अंतरराष्ट्रीय शतरंज का केंद्र
भारत शतरंज के क्षेत्र में लगातार अपनी मजबूत पकड़ बना रहा है। इसी क्रम में एक ऐतिहासिक अवसर भारत को मिलने जा रहा है। शतरंज विश्व कप 2025 का आयोजन भारत में 31 अक्टूबर से 27 नवंबर तक किया जाएगा। यह पहली बार नहीं है जब भारत विश्व शतरंज के बड़े आयोजन की मेजबानी कर रहा है, लेकिन इस बार इसका पैमाना कहीं अधिक बड़ा और ऐतिहासिक होगा।
टूर्नामेंट का महत्व
विश्व शतरंज महासंघ (FIDE) द्वारा आयोजित यह प्रतियोगिता शतरंज की सबसे प्रतिष्ठित स्पर्धाओं में से एक मानी जाती है। इस टूर्नामेंट में दुनिया भर से शीर्ष स्तर के ग्रैंडमास्टर हिस्सा लेंगे। विजेता, उपविजेता और तीसरे स्थान पर रहने वाले खिलाड़ी को Candidates Tournament 2026 में सीधा प्रवेश मिलेगा, जिससे आगे चलकर उन्हें विश्व चैंपियन बनने का मौका मिल सकता है। यही कारण है कि इस टूर्नामेंट का महत्व केवल एक कप जीतने तक सीमित नहीं, बल्कि यह खिलाड़ियों के पूरे करियर का रुख बदल सकता है।
भारत की भूमिका और तैयारी
भारत शतरंज की धरती कहलाने लगा है। विश्वनाथन आनंद जैसे महान खिलाड़ियों से लेकर प्रज्ञानानंद, गोखले, अरविंद चितांबरम और कई अन्य युवा खिलाड़ियों ने भारत को विश्व स्तर पर अलग पहचान दिलाई है। भारत सरकार और ऑल इंडिया चेस फेडरेशन (AICF) इस आयोजन को सफल बनाने के लिए व्यापक तैयारियाँ कर रहे हैं। उम्मीद है कि इस दौरान भारत के कई शहरों को शतरंज संस्कृति से जोड़ते हुए कार्यक्रम और प्रदर्शनियां भी आयोजित की जाएंगी।
खिलाड़ियों और दर्शकों की उम्मीदें
भारतीय दर्शकों के लिए यह टूर्नामेंट किसी उत्सव से कम नहीं होगा। युवा खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय दिग्गजों से मुकाबला करके अनुभव हासिल करेंगे, वहीं दर्शक अपने ही देश में विश्व स्तरीय शतरंज का आनंद उठा पाएंगे। इस प्रतियोगिता से भारत में शतरंज की लोकप्रियता और भी बढ़ने की संभावना है।
शतरंज विश्व कप 2025 भारत के लिए न केवल गर्व का विषय है, बल्कि यह देश में खेलों की नई दिशा भी तय करेगा। यह आयोजन आने वाली पीढ़ियों को शतरंज अपनाने के लिए प्रेरित करेगा और भारत को एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय खेल मानचित्र पर चमकाएगा।
स्रोत: FIDE – Chess World Cup 2025 (Wikipedia)
