रिया सिन्हा: भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर इन दिनों रूस की आधिकारिक यात्रा पर हैं। इस दौरे को दोनों देशों के बीच रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। जयशंकर और रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के बीच हुई वार्ता में ऊर्जा सहयोग, रक्षा साझेदारी और अंतरराष्ट्रीय परिदृश्यों पर गहन चर्चा की गई।
ऊर्जा और व्यापार पर जोर
भारत और रूस के बीच ऊर्जा क्षेत्र में लंबे समय से घनिष्ठ सहयोग रहा है। जयशंकर की इस यात्रा में कच्चे तेल और गैस आपूर्ति को लेकर नई रणनीतियों पर विचार-विमर्श हुआ। इसके साथ ही, द्विपक्षीय व्यापार को 100 अरब डॉलर के लक्ष्य तक पहुंचाने पर भी दोनों पक्ष सहमत हुए। रूस में भारतीय निवेश को प्रोत्साहित करने और आईटी, फार्मा तथा कृषि क्षेत्र में साझेदारी बढ़ाने के मुद्दे भी चर्चा के केंद्र में रहे।
वैश्विक मुद्दों पर साझा दृष्टिकोण
जयशंकर और लावरोव ने यूक्रेन संकट, एशिया-प्रशांत क्षेत्र की बदलती स्थिति और बहुपक्षीय संगठनों में सहयोग जैसे मुद्दों पर भी विचार साझा किए। भारत ने स्पष्ट किया कि वह शांति और संवाद के माध्यम से वैश्विक चुनौतियों का समाधान चाहता है। वहीं, रूस ने भारत को एक विश्वसनीय साझेदार बताते हुए सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई।

