रिया सिन्हा: भारत ने अपनी Agni-5 इंटरमीडिएट-रेंज बैलिस्टिक मिसाइल का सफलतापूर्वक परीक्षण किया, जिसे पूर्वी भारत के ओडिशा तट पर चंदिपुर स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज (ITR) से छोड़ा गया। रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की कि परीक्षण के दौरान मिसाइल के सभी तकनीकी और परिचालनात्मक मापदंडों की शुद्धता सुनिश्चित की गई, जबकि यह लॉन्च स्ट्रैटेजिक फोर्सेज कमांड की देखरेख में किया गया ।
मिसाइल की मारक क्षमता लगभग 5 हजार किलोमीटर
Agni-5 को एक सामरिक उपाय के रूप में विकसित किया गया है—यह मिसाइल हाइ-एक्यूसीसी्यूसी (उच्च-सटीकता नेविगेशन प्रणाली) और मैन्युवरेबल रिइंट्री व्हीकल जैसी उन्नत तकनीकों से लैस है, जो इसके इंटरसेप्शन (रोकथाम) को प्रतिरोधी बनाती हैं । मिसाइल की मारक क्षमता लगभग 5,000 किलोमीटर से अधिक बताई जा रही है, जिससे यह चीन सहित एशिया के अधिकांश हिस्सों और युरोप के कुछ क्षेत्रों तक पहुंचने में सक्षम है ।
पाकिस्तान, के लिए सुरक्षा संबंधी चिंताएँ बढ़ सकती है।
यह परीक्षण भारत की विश्वसनीय न्यूनतम प्रत्याशा (credible minimum deterrence) नीति में महत्वपूर्ण योगदान देता है और क्षेत्रीय तनावों के बीच देश की रक्षा क्षमता को और मजबूत करता है । यह कदम पड़ोसी देशों, विशेषकर पाकिस्तान, के लिए सुरक्षा संबंधी चिंताएँ बढ़ा सकती है ।
भारत रक्षा प्रणाली में एक मजबूत देश।
कुल मिलाकर, Agni-5 का यह सफल परीक्षण न केवल भारत की मिसाइल कार्यक्रम में एक मर्मस्थल चिह्न है, बल्कि यह DRDO (रक्षा अनुसंधान व विकास संगठन) की तकनीकी क्षमता और भारत की रक्षा तैयारियों को भी उजागर करता है। लंबे समय से चली आ रही मिसाइल विकास श्रृंखला में यह एक और मजबूत अध्याय जोड़ता है। भारत रक्षा प्रणाली में एक मजबूत देश साबित होना चाहता है और इस परिक्षण से भारत को और भी ज़्यादा फायदा होगा।
