रिया सिन्हा

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने हाल ही में बिहार में चल रही ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के दौरान चुनाव आयोग (EC) पर गंभीर आरोप लगाए, जिसमें उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के माध्यम से वोट चोरी और मतदाता सूची में गड़बड़ी का दावा किया। उन्होंने EC पर भाजपा के साथ मिलकर लोकतंत्र को कमजोर करने की नीयत से काम करने का आरोप लगाया।

राहुल ने कर्नाटक की महादेवपुरा विधानसभा सीट का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां 1,00,250 मतों की कथित रूप से चोरी हुई है, जिसमें डुप्लीकेट मतदाता, फर्जी पते, फॉर्म-6 का दुरुपयोग और एक ही व्यक्ति के एक से अधिक मतदान जैसे विवरण शामिल हैं।

इस आरोप पर चुनाव आयोग ने कड़ा पलटवार किया। आयोग ने राहुल गांधी के आरोपों को बेबुनियाद, भ्रामक और गैर-जिम्मेदाराना बताया और कहा कि यदि वे अपने दावों के प्रति आश्वस्त हैं, तो उन्हें शपथपत्र (डिक्लेरेशन) जमा करना चाहिए, अन्यथा उन्हें देश से माफी माँगनी होगी। EC ने यह भी कहा कि SIR प्रक्रिया पारदर्शी थी और आयोग सभी पक्षों के प्रति निष्पक्ष रहा।

राजनीतिक माहौल गर्म है, और EC की मांग—कि राहुल या तो प्रमाण पेश करें या माफी मांगें—पर प्रतिक्रिया आने का इंतज़ार है।

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