ऋषिता गंगराडे़

आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों को गति देते हुए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) ने मध्यप्रदेश के सभी जिलों में नए जिला प्रभारियों की घोषणा कर दी है। कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल द्वारा जारी इस सूची में 71 जिलों और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए जिम्मेदार नेताओं के नाम शामिल हैं। पार्टी का मानना है कि इन नियुक्तियों से संगठनात्मक ढांचा बूथ स्तर तक सशक्त होगा और जनता से सीधा जुड़ाव बढ़ेगा।

घोषित सूची के अनुसार ग्वालियर शहर की जिम्मेदारी सुरेंद्र यादव को दी गई है, जबकि ग्वालियर ग्रामीण से प्रभुदयाल जोहरे को प्रभारी बनाया गया है। इंदौर शहर से चिंटू चौकसे और इंदौर ग्रामीण से विपिन वानखेडे को जिम्मेदारी दी गई है। जबलपुर शहर की कमान सौरभ नाती शर्मा और जबलपुर ग्रामीण की कमान संजय यादव को सौंपी गई है।

इसी प्रकार खंडवा शहर से प्रतिभा रघुवंशी और खंडवा ग्रामीण से उत्तम पाल सिंह पूरनी को नियुक्त किया गया है। मंडला से डॉ. अशोक मार्सकोले, नीमच से तरुण बहेती और पन्ना से अनीस खान को संगठनात्मक जिम्मेदारी मिली है। वहीं सीधी से ज्ञान प्रताप सिंह, सिंगरौली शहर से प्रवीन सिंह चौहान और सिंगरौली ग्रामीण से सरस्वती सिंह मरकाम को नियुक्त किया गया है।

दूसरी ओर, विदिशा से मोहित रघुवंशी, उमरिया से इंजीनियर विजय कुमार कोल और शाजापुर से नरेश्वर प्रताप सिंह को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा राजगढ़ से प्रियव्रत सिंह, रतलाम शहर से शांतिलाल वर्मा, सागर शहर से महेश जाटव, शहडोल से अजय अवस्थी, शिवपुरी से मोहित अग्रवाल, नरसिंहपुर से सुनीता पटेल और उज्जैन शहर से मुकेश भाटी जैसे कई सक्रिय नेताओं को भी शामिल किया गया है।

कांग्रेस ने यह नियुक्तियां ऐसे समय में की हैं जब प्रदेश में चुनावी माहौल धीरे-धीरे गर्माने लगा है। पार्टी का स्पष्ट कहना है कि संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए स्थानीय नेतृत्व को आगे लाना जरूरी है। नए जिला प्रभारी न केवल पार्टी के कार्यक्रमों को गति देंगे, बल्कि जनता से सीधा संवाद भी स्थापित करेंगे।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इन नियुक्तियों से कांग्रेस का लक्ष्य प्रदेश में बेहतर तालमेल और सक्रियता लाना है। भाजपा के मजबूत संगठनात्मक ढांचे को चुनौती देने के लिए कांग्रेस अपने नेताओं को जिलावार जिम्मेदारी सौंप रही है, ताकि हर क्षेत्र में कार्यकर्ताओं को दिशा मिल सके।

इन नियुक्तियों के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नया उत्साह देखने को मिल रहा है। पार्टी का मानना है कि अगर जिला प्रभारी अपनी जिम्मेदारियों को ईमानदारी और सक्रियता से निभाते हैं तो आगामी विधानसभा चुनावों में इसका लाभ कांग्रेस को मिल सकता है।

स्रोत: अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) की आधिकारिक विज्ञप्ति

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