रिपोर्ट रोहित रजक भोपाल।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज जन अभियान परिषद के माटी गणेश-सिद्ध गणेश अभियान का शुभारंभ करेंगे। यह कार्यक्रम मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित होगा, जहाँ मुख्यमंत्री इस अभियान की संकल्पना पर केंद्रित पोस्टर का विमोचन भी करेंगे।
इसी मौके पर मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद और अन्य संस्थाओं के बीच विभिन्न समझौतों (MoU) पर हस्ताक्षर भी किए जाएंगे, जो प्रदेश के आनंद ग्रामों के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में माटी गणेश अभियान
जन अभियान परिषद द्वारा पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए माटी गणेश-सिद्ध गणेश अभियान की शुरुआत की जा रही है। यह अभियान इस वर्ष गणेश उत्सव के दौरान पारंपरिक प्लास्टर ऑफ पेरिस (PoP) गणेश मूर्तियों के स्थान पर पर्यावरण अनुकूल मिट्टी से बनी गणेश प्रतिमाओं को प्रोत्साहित करेगा।
इसके तहत पर्यावरण हिबीटेट संस्थान नर्मदा समग्र के सहयोग से प्रदेश के सभी 313 विकासखंडों में परिषद से जुड़े नवांकुर कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा। ये प्रशिक्षित कार्यकर्ता अपने-अपने क्षेत्रों में स्थानीय महिलाओं को मिट्टी से गणेश प्रतिमा निर्माण का प्रशिक्षण देंगे, ताकि हर घर में पर्यावरण हितैषी गणेश की स्थापना हो सके।
ग्रामीण महिलाओं को मिलेगा रोजगार और प्रशिक्षण
प्रशिक्षित महिलाएं अपने गांव में अन्य महिलाओं को प्रेरित कर मिट्टी से गणेश बनाने का प्रशिक्षण देंगी, जिससे उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलेगा। इस पहल से ग्रामीण स्तर पर स्वदेशी और पर्यावरण मित्र उत्पादों का निर्माण बढ़ेगा।
मुख्यमंत्री निवास पर होंगे दो अहम समझौते
आज होने वाले इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री निवास पर दो महत्वपूर्ण समझौते होंगे। पहला एमओयू जन अभियान परिषद और दीनदयाल शोध संस्थान के बीच होगा, जिसका उद्देश्य आनंद ग्रामों में विकास कार्यों को जनभागीदारी से आगे बढ़ाना है। इस समझौते के तहत ग्रामीण विकास, रोजगार, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यावरण और स्वच्छता से जुड़े कार्यों में सहयोग किया जाएगा।
नदी संरक्षण और जागरूकता के लिए नर्मदा समग्र से समझौता
दूसरा एमओयू जन अभियान परिषद और नर्मदा समग्र संस्था के बीच होगा, जिसका उद्देश्य नर्मदा संरक्षण और उसके आस-पास के क्षेत्रों में पर्यावरणीय जागरूकता फैलाना है। इसके अंतर्गत नदियों की स्वच्छता, जैव विविधता, जल संरक्षण और नदी पारिस्थितिकी को बनाए रखने के लिए जनसहभागिता आधारित कार्य किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने बताया अभियान को समाज के लिए प्रेरणादायक
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि ऐसे अभियान समाज में सकारात्मक बदलाव लाते हैं। यह न केवल पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाते हैं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी सशक्त करते हैं। माटी गणेश अभियान महिलाओं को रोजगार से जोड़ने का भी कार्य करेगा। साथ ही स्थानीय संसाधनों का उपयोग कर स्वदेशी संस्कृति को प्रोत्साहन मिलेगा।
कार्यक्रम में होंगे जनप्रतिनिधि और सामाजिक संगठन शामिल
इस कार्यक्रम में मंत्रीगण, जनप्रतिनिधि, विभिन्न सामाजिक संगठन, स्वयंसेवी संस्थाएं और बड़ी संख्या में नवांकुर कार्यकर्ता शामिल होंगे।
मुख्यमंत्री द्वारा शुभारंभ किए जाने वाले इस अभियान से प्रदेशभर में पर्यावरण के प्रति एक नया संदेश जाएगा और जन-सामान्य की भागीदारी से इस अभियान को मजबूती मिलेगी।
