रानू यादव: देशभर में छात्र और शिक्षक, कर्मचारी चयन आयोग (SSC) की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्र और शिक्षक की मांग है की परीक्षा की प्रक्रिया की स्वतंत्र जांच हो। उनका कहना है कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और सुधार होना जरूरी है।

स्टाफ सिलेक्शन कमिशन एसएससी परीक्षा में भर्ती में कि जा रही और अनियमितताओं को लेकर राजधानी में गुरुवार को देश के अलग-अलग जगह से पहुंचे छात्रों और शिक्षकों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया है। इस प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कई छात्रों और शिक्षकों को हिरासत में ले लिया है।

आखिर इस हंगामा की वजह क्या है?
गुरुवार को DoPT दफ्तर के बाहर कई टीचर और अभ्यर्थी ने धरना प्रदर्शन कर रहे है। इस प्रदर्शन में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले शिक्षक और छात्र शामिल हुए। यह प्रदर्शन वह परीक्षा में हो रहे अनियमितताओं के कारण कर रहे हैं। पुलिस द्वारा टीचर और स्टूडेंट को हिरासत में लेने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इन छात्रों को देर शाम तक हिरासत में रखा गया।

फिर शाम को जंतर मंतर पर इकट्ठा हुए छात्र!
शाम को फिर जंतर मंतर पर छात्र और शिक्षक इकट्ठा हुए उनकी मांग है कि हिरासत में लिए गए छात्र और शिक्षकों को छोड़ जाए। उनका कहना है कि एसएससी ने कई बार विभिन्न वजहों से परीक्षाओं को रद्द किया है।

छात्रों के प्रदर्शन का मुख्य कारण?
छात्रों का कहना है कि पहले परीक्षा का एडमिट कार्ड 4 दिन पहले दिया जाता था लेकिन इस बार परीक्षा के दो दिन पहले तक भी एडमिट कार्ड जारी नहीं हुआ था। और परीक्षा केंद्र का सही से आवंटन नहीं किया गया था।

परीक्षा के दौरान कई और खामियां आई सामने!
परीक्षा के दौरान सरवर संबंधित समस्याएं आई तो कहीं दिए गए कंप्यूटर का माउस सही से काम नहीं कर रहा था साथ ही कई विद्यार्थियों के साथ गलत व्यवहार किया गया।

ब्लैक लिस्ट कंपनियां करा रही परीक्षा!
छात्रों का आरोप है कि कई ब्लैक लिस्ट कंपनी परीक्षा करवा रही है।TCS से परीक्षा लेने का जिम्मेदारी वापस लेकर दूसरी कंपनी को परीक्षा लेने की जिम्मेदारी दी गई है। दूसरी नई कंपनी Eduquity एजेंसी ने SSC selection phase 13 की परीक्षा ले रही है ।जो शिक्षा विभाग द्वारा ब्लैकलिस्टेड कंपनियों में से है।इस कंपनियों के खिलाफ छात्र कई समय से प्रदर्शन कर रहे हैं।

सभी शिफ्ट का पेपर लगभग एक जैसा!
सभी शिफ्ट के पेपर लगभग एक जैसे दिए जा रहे हैं। यह एजेंसी एसएससी के अन्य परीक्षा भी करवाने वाले हैं जिसमें 30 लाख से ज्यादा छात्र बैठेंगे तो कैसे यह एजेंसी परीक्षा करावेगी फर्स्ट शिफ्ट में पूछे गए पेपर को दूसरे और तीसरी फेस में 70 से 80 परसेंट सेम पेपर दिया जा रहा है। इन्हीं सब समस्याओं को लेकर छात्र दिल्ली में प्रदर्शन करने उतर गए।जिसमें कई लोगों को हिरासत में ले लिया गया इस दौरान लाठी चार्ज भी हुआ।

प्रदर्शन का एक मुख्य कारण है कई परीक्षाओं का अचानक रद्द होना!
छात्रों के प्रदर्शन का एक कारण है एसएससी सिलेक्शन फोर्स पोस्ट फेज 13 सहित कई परीक्षाओं का अचानक रद्द हो जाना। छात्रों का कहना है कि की दूर-दूर से यात्रा करके परीक्षा देने आने से उनका समय और पैसा दोनों खर्च होता है।और वहां जाकर पता चला की परीक्षा रद्द हो गई है इसकी कोई पूर्व सूचना भी नहीं दी जाती है।

इस प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस का पलटवार!
इस प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर लिखा कि मोदी सरकार छात्रों के भविष्य को बर्बाद करने पर तुली है। देश के छात्र एसएससी परीक्षा में हुई धांधली के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। आज एनएसयूआई अध्यक्ष वरुण चौधरी छात्रों के हक की इस लड़ाई में शामिल हुए। छात्र लगातार कह रहे हैं की परीक्षा में धांधली हो रही है लेकिन सरकार सुनने को तैयार नहीं है ।उल्टा छात्रों पर लाठी चार्ज किया जा रहा है। उनका मुंह बंद करवाया जा रहा है। हम डरने वालों में से नहीं है छात्रों के साथ खड़े रहेंगे और उन्हें न्याय दिलाएंगे।

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