रानू यादव: सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर उर्फ़ी जावेद ने हाल ही में अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें उनका चेहरा काफ़ी सूजा हुआ दिखाई दे रहा था। उर्फ़ी ने इस पोस्ट में बताया कि कुछ समय पहले उन्होंने अपने होंठों का आकार बढ़ाने के लिए ‘लिप फ़िलर’ नाम की एक कॉस्मेटिक सर्जरी करवाई थी। जिसकी वजह से ऐसा हुआ है।
इंस्टाग्राम पर उर्फ़ी ने लिखा, “मैंने अपने फ़िलर्स को निकलवाने का फ़ैसला किया क्योंकि ये सही तरीक़े से नहीं लगाए गए थे।
जब उर्फ़ी इन्हें निकलवाने गईं तो इस वजह से उनका चेहरा सूज गया।
वो कहती हैं, “मैं आगे भी ये सर्जरी करवाऊँगी। मैं फ़िलर्स को पूरी तरह मना नहीं कर रही, लेकिन इन्हें निकलवाना बहुत दर्दनाक होता है”
हलांकि बाद में उर्फ़ी ने जानकारी दी कि अब उनका चेहरा ठीक हो चुका है उन्होंने अपनी फ़ोटो भी अपलोड किया।
आख़िर ये फ़िलर्स क्या होते हैं?
लिप फिलर्स आपके होंठों को पुनर्स्थापित करते हैं या उनमें वॉल्यूम जोड़ते हैं। ये उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को नहीं रोकते, लेकिन ये लिप इम्प्लांट या लिप लिफ्ट जैसे अधिक आक्रामक सर्जिकल लिप ऑग्मेंटेशन की ज़रूरत को टालने में मदद कर सकते हैं। ये आपको मनचाहा लुक पाने में भी मदद कर सकते हैं, जिससे आपका आत्म-सम्मान बढ़ता है।
इनकी क़ीमत कितनी है?
हायलूरोनिक एसिड फिलर आमतौर पर कोलेजन फिलर से महंगे होते हैं।लिप फिलर्स की कीमत भारत में 15,000 रुपये से 40,000 रुपये प्रति सिरिंज तक हो सकती है, लेकिन यह कई कारकों पर निर्भर करती है, जैसे कि क्लिनिक, इस्तेमाल किए गए फिलर का ब्रांड और मात्रा, और सर्जन की विशेषज्ञता पर।
फिलर्स के प्रकार
1:हयालूरोनिक एसिड फिलर्स:
ये सबसे आम प्रकार के फिलर्स हैं और इन्हें सुरक्षित माना जाता है। ये त्वचा में मात्रा जोड़ते हैं और झुर्रियों को कम करते हैं।
2:कैल्शियम हाइड्रॉक्सीलैपटाइट फिलर्स: ये फिलर्स प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले पदार्थ से बने होते हैं और कोलेजन उत्पादन को बढ़ावा देने में मदद करते हैं।
3:वसा ग्राफ्टिंग: इसमें शरीर के दूसरे हिस्से से वसा निकालकर चेहरे पर इंजेक्ट किया जाता है। यह एक सर्जिकल प्रक्रिया है और इसके परिणाम लंबे समय तक चलते हैं।
सेहत पर इनका क्या असर पड़ता है?
फिलर्स, जैसे कि हयालूरोनिक एसिड, शरीर में स्वाभाविक रूप से पाए जाते हैं और सुरक्षित माने जाते हैं। हालांकि, कुछ लोगों को इंजेक्शन वाली जगह पर सूजन, लालिमा या कोमलता का अनुभव हो सकता है। कुछ मामलों में, दुर्लभ दुष्प्रभाव भी हो सकते हैं, जैसे कि एलर्जी प्रतिक्रिया या संक्रमण।
फिलर्स के संभावित दुष्प्रभाव:
सूजन, लालिमा और कोमलता:
ये फिलर्स के बाद होने वाले सामान्य दुष्प्रभाव हैं।
एलर्जी प्रतिक्रिया: कुछ लोगों को फिलर्स में मौजूद पदार्थों से एलर्जी हो सकती है।
संक्रमण: इंजेक्शन वाली जगह पर संक्रमण का खतरा बहुत कम होता है, लेकिन यह एक संभावित जोखिम है।
अन्य दुर्लभ दुष्प्रभाव: कुछ दुर्लभ मामलों में, फिलर्स के कारण गांठ, असमानता या त्वचा की क्षति हो सकती है।
कैसे काम करते हैं?
उर्फी जावेद ने हाल ही में अपने चेहरे पर हुए लिप फिलर्स (Lip Fillers) को हटवाया है। उन्होंने बताया कि उनके फिलर्स “गलत जगह” लग गए थे, जिसकी वजह से उन्हें परेशानी हो रही थी। लिप फिलर्स एक कॉस्मेटिक प्रक्रिया है जिसमें होंठों को मोटा और आकर्षक बनाने के लिए उनमें एक पदार्थ इंजेक्ट किया जाता है, आमतौर पर हयालुरोनिक एसिड (Hyaluronic Acid) का उपयोग होता है। हयालुरोनिक एसिड एक प्राकृतिक पदार्थ है जो त्वचा में नमी बनाए रखने में मदद करता है।हयालूरोनिक एसिड पानी को आकर्षित करता है और होंठों को हाइड्रेट करता है, जिससे वे कोमल और मुलायम दिखाई देते हैं।
उर्फी ने यह भी बताया कि यह प्रक्रिया (फिलर हटाने की) काफी दर्दनाक थी और इसके बाद उनके होंठ और चेहरा सूज गए थे। उन्होंने यह भी कहा कि वह फिलर्स के खिलाफ नहीं हैं और भविष्य में फिर से फिलर्स करवाएंगी, लेकिन इस बार अधिक प्राकृतिक तरीके से।
उर्फी जावेद के अनुभव से सीख:
उर्फी जावेद ने खुद यह बताया कि उनके फिलर्स गलत जगह लग गए थे और उन्हें हटाने की प्रक्रिया दर्दनाक थी। उनका यह अनुभव इस बात पर जोर देता है कि फिलर्स करवाने के लिए हमेशा एक योग्य और अनुभवी डॉक्टर के पास जाना महत्वपूर्ण है। सस्ते या अनाड़ी जगहों से फिलर्स करवाना गंभीर जोखिमों को बढ़ा सकता है। यह भी समझना महत्वपूर्ण है कि कॉस्मेटिक प्रक्रियाएं हमेशा सफल नहीं होतीं और उनके अपने जोखिम होते हैं।
