रिपोर्ट रोहित रजक/नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) के दुरुपयोग पर कड़ी टिप्पणी की है। कोर्ट ने साफ कहा कि ईडी जैसी एजेंसियों की ताकत बेकाबू होती जा रही है और यह लोकतंत्र के लिए खतरा बन सकती है।कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा है कि वह जल्द से जल्द ऐसी गाइडलाइन बनाए जिससे इन जांच एजेंसियों का दुरुपयोग रोका जा सके।
गाइडलाइन बनाने का निर्देश:
कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा है कि वह ईडी जैसी एजेंसियों के कामकाज पर नियंत्रण के लिए स्पष्ट गाइडलाइंस बनाए। कोर्ट ने कहा कि चुनाव के समय ऐसी एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक फायदे के लिए किया जाता है। वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा कि ईडी का इस्तेमाल आज़ादी के मूल अधिकारों को कुचलने के लिए किया जा रहा है।

कानूनी पेशे की आज़ादी का मुद्दा:
कोर्ट में दलील दी गई कि जो वकील विपक्ष के नेताओं की तरफ से केस लड़ते हैं, उन्हें ईडी की नोटिस भेज दी जाती है। कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा कि आखिर किन परिस्थितियों में ईडी किसी को नोटिस भेजती है और किन आधारों पर कार्रवाई होती ह कोर्ट ने कहा कि चुनाव के दौरान ईडी की कार्रवाई ज्यादा सक्रिय क्यों हो जाती है? इसका जवाब सरकार को देना होगा।
कांग्रेस नेता का बयान:
कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि मोदी सरकार ईडी और सीबीआई को अपने राजनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है।
