रानू यादव:भोपाल। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही Labubu Doll आजकल लोगों के बीच में काफी फेमस हो रही है। पूरी दुनिया में लाबुबू डॉल का ट्रेंड दिखाई दे रहा है।ज्‍यादा से ज्‍यादा लोग इसे खरीद रहे हैं। और लाबुबू डॉल इतने ट्रेंड में है कि इसकी कीमत लाखों रुपये तक हो गई है ।

आइए जानते हैं ये गुड़िया क्या है ?
लाबुबू एक लोकप्रिय खिलौना है जो एक काल्पनिक पात्र है, जिसे कासिंग लुंग ने 2015 में डिजाइन किया था। यह दिखने में अजीब है, लेकिन प्यारा और स्टाइलिश भी माना जाता है, जिसकी वजह से लोग इसे पसंद करते हैं। लाबुबू का अनूठा और अजीब दिखने वाला चेहरा, बड़ी आंखें, नुकीले दांत, और रोएंदार पैर इसे बाकी खिलौनों से अलग बनाते हैं। ये अजीब सा दिखने वाली डॉल बच्चों से ज्यादा बड़ों में लोकप्रिय हो रही है इसको लोग एक यूनिक कलेक्शन के रूप में खरीद रहे है।

आखिर क्यों इसे इतना पसंद किया जा रहा?
कई मशहूर हस्तियों ने लाबुबू के साथ तस्वीरें पोस्ट की हैं, जिससे इसकी लोकप्रियता और बढ़ गई है। और सोशल मीडिया पर लाबुबू की तस्वीरें और वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिससे यह एक ट्रेंड बन बनता जा रहा है।कुल मिलाकर, लाबुबू की लोकप्रियता एक रहस्य है, लेकिन इसका अनोखा डिजाइन, सीमित संस्करण, और सोशल मीडिया की ताकत इसके लोकप्रिय होने के कुछ कारण हैं।

चीन से शुरू हुई Labubu doll की कहानी!
Labubu डॉल की लोकप्रियता चीन से ही शुरू हुई और फिर पूरी दुनिया में फैल गई। यह चीन एक “ब्लाइंड बॉक्स” में बेचे जाने वाले खिलौने के रूप में शुरू हुआ, जिससे सस्पेंस और कलेक्टेबिलिटी का तत्व जुड़ गया, जहां खरीदार को यह नहीं पता होता कि उसे कौन सा डिज़ाइन मिलेगा।
इसकी अनोखी, “डरावनी-प्यारी” सूरत और “ब्लाइंड बॉक्स” की अवधारणा ने इसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। चीन की कंपनी Pop Mart ने Labubu को “The Monsters” सीरीज के तहत लॉन्च किया और इसके प्रचार के महत्वपूर्ण भूमिका ने इसे लोकप्रिय बना दिया।

Labubu की लोकप्रियता इतनी बढ़ गई कि इसकी कीमती में भी वृद्धि होने लगी, और यहां तक कि 1.2 करोड़ रुपये में भी एक Labubu डॉल बिकी।


इस डॉल की लोकप्रियता बढ़ने के साथ कुछ अफवाह भी इसके साथ जुड़ गया है कुछ लोगों का कहना है कि यह एक शैतानी गुड़िया है और राक्षस का रूप है। लोग इस गुड़िया को लेकर और भी कई खतरनाक तरीके के दावे कर रहे हैं। कहा जा रहा है कि यह डॉल एक प्राचीन राक्षस से जुड़ी हुई है, इसलिए इसे बच्चों को देना खतरनाक हो सकता है।

शैतानी होने का की अफवाह कहा से शुरू हुई?
लाबुबू डॉल के शैतानी गुड़िया होने का शक तब हुआ जब एक इंस्टाग्राम का वीडियो वायरल हुआ।इसमें लाबुबू डॉल को एक डरावनी सी आकृति के पास दिखाया गया था।इस वीडियो के साथ में मशहूर एनिमेटेड सिटकॉम द सिम्पसन्स का एक सीन जोड़ दिया गया, जिसमें एक महिला गलती से एक शैतान का पुतला खरीद लेती है और अपने बच्चे को देती है, इसके बाद उसके आसपास अजीबोगरीब शैतानी हरकतें होने लगती हैं।इसी वजह से इस गुड़िया को राक्षस का एक रूप मान लिया गया है और सोशल मीडिया पर यह बात आग की तरह फैल गईं है। हालांकि इस बात का कोई सबूत नहीं है कि लबूबू डॉल शैतानी है।
हमारे देश के कई लोक पर्व में शामिल है गुड्डा गुड़िया!
राजस्थान के लोककला में कठपुतली कला का आयोजन होता है। वही असम, त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल में प्राचीन काल से ही कला जादू ,सम्मोहन वशीकरण जैसी चीजों को जोड़ा जाता है, जिसमें काले कपड़े से बने गुड्डे -गुड़ियों का इस्तेमाल होता है। पूर्वी उत्तर प्रदेश ओडिशा ,बिहार और बंगाल में नागपंचमी के दिन गुड़िया पीटने का रिवाज है जिसमें कंवारी लड़कियां पुराने कपड़ों से गुड़िया बनाती है और नागपंचमी वाले दिन तालाब ले जाकर फेंकती है जिसे भाई लाठी से इन गुड़ियों को पीटते है। ऐसा माना जाता है कि ये गुड़िया सारी नकारात्मता को खुद के अंदर ले लेती है। जिससे महामारी, सूखा आदि नहीं आएगा।

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