काजल जाटव: ऑस्ट्रेलिया के सनशाइन कोस्ट में हुए 66वें इंटरनेशनल मैथमैटिकल ओलंपियाड (IMO) 2025 में भारत ने तीन गोल्ड मैडल जीतकर और कुल 7वें नंबर पर रहक रऐतिहासिक कमाल कर दिखाया। इस बार की इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में 110 देशों के होनहार छात्रों ने हिस्सा लिया। गणित की इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता को पूरी दुनिया में सबसे कठिन और सम्मानित माना जाता है।
भारतीय टीम का प्रदर्शन
भारत से आई छह सदस्यों वाली टीम ने शानदार काम किया। इस टीम ने 3 गोल्ड, 2 सिल्वर और 1 ब्रॉन्ज मैडल अपने नाम किया है। पिछली बार की तुलना में यह प्रदर्शन बहुत ही प्रभावशाली रहा। भारत ने न सिर्फ खुद को साबित किया, बल्कि टीम स्कोर में भी टॉप 10 में आ गया। टीम के सदस्यों का चयन देशभर में हुई कठिन परीक्षाओं के आधार पर हुआ, जिनमें क्षेत्रीय ओलंपियाड, (IMO) और इंटरनेशनल कैम्प की परीक्षाएं शामिल थीं।
प्रशिक्षण और चयन प्रक्रिया
IMO हर साल अलग देशों में होनी वाली सबसे बड़ी गणित प्रतियोगिता है। इसमें क्लास 12 तक के विद्यार्थी भाग लेते हैं, और दो दिनों में यह पूरी हो जाती है। हर प्रतिभागी को दोनों दिन तीन-तीन कठिन गणितीय सवाल हल करने होते हैं, जिनमें तेज तर्क, रचनात्मकता और अच्छी गणनात्मक क्षमता जरूरी होती है। इस प्रतियोगिता का कुल 42 अंक का स्कोर है, जिसमे भारत का समग्र स्कोर 185 रहा, जो अब तक का सबसे बेहतर प्रदर्शन माना जा सकता है।
वैज्ञानिकों और शिक्षकों की प्रशंसा
भारत की इस सफलता पर पूरे देश में गणितज्ञों, शिक्षकों और छात्रों में खुशी की लहर दौड़ रही है। होमी भाभा साइंस सेंटर (HBCSE), जो भारत में ओलंपियाड का आयोजन करता है, ने इन छात्रों की मेहनत और लगन की कदर की। शिक्षा मंत्रालय ने भी इन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को बधाई दी, और इसे “भारत की साइंटिफिक प्रतिभा का प्रतीक” बताया।
Spectacular performance by the Indian team at the International Mathematical Olympiad 2025 held at Sunshine Coast, Australia from Jul 10-21, winning 3 Gold, 2 Silver and 1 Bronze! Congratulations Team India you make the nation proud!! #IMO2025, #Matholympiad. pic.twitter.com/izTEqAWE4Y
— HBCSE (@HBCSE_TIFR) July 19, 2025
भविष्य के लिए प्रेरणा
IMO 2025 में भारत का यह शानदार प्रदर्शन सिर्फ पदकों का विषय नहीं है, बल्कि लाखों युवाओं के लिए एक प्रेरणादायक कहानी बन गया है। यह दिखाता है कि सही दिशा, संसाधन और संकल्प से भारत के छात्र किसी भी स्तर पर कम नहीं हैं। भारत का यह असाधारण प्रदर्शन न केवल देश के शिक्षा क्षेत्र की उपलब्धि है, बल्कि यह भी साबित करता है कि भारत की नई पीढ़ी गणित और विज्ञान के मामले में दुनिया का नेतृत्व करने को तैयार है। यह सफलता आने वाले वक्त में और भी बेहतर प्रदर्शन की शुरुआत है।
