मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल और व्यापारिक नगरी इंदौर में हाल के महीनों में ड्रग्स तस्करी और नशे की पहुंच में तेज वृद्धि देखी गई है। स्थानीय पुलिस और नारकोटिक्स विभाग द्वारा की गई कई बड़ी तस्करी की कार्यवाही ने इस समस्या की गंभीरता को उजागर कर दिया है।

भोपाल की स्थिति (Hotspot):

  • 500 किग्रा गांजा बरामदसन 2024 में भोपाल में लगभग 500 किलोग्राम गांजे की जब्ती हुई, जिसकी अंतरराष्ट्रीय काले बाज़ार में अनुमानित कीमत ₹1.2 करोड़ थी—यह पिछले साल की तुलना में लगभग दोगुना था (2023 में सिर्फ लगभग ₹1.29 करोड़ का माल बरामद हुआ था)।
  • एलएसडी तस्करी में छात्र की संलिप्तताजुलाई 2025 में पुलिस ने एक 19 वर्षीय कक्षा 12 के छात्र “करन शर्मा” को केरल से डाक के जरिए मंगा रहे एलएसडी ड्रग (1.96 ग्राम, लगभग ₹50,000 मूल्य) के साथ गिरफ्तार किया। यह नेटवर्क लगभग 10 से अधिक देशों तक फैला हुआ था Navbharat Times|
  • सिंथेटिक ड्रग्स की बढ़ती पहुँचभोपाल में एलएसडी और एमडीएमए जैसे सिंथेटिक ड्रग्स की खपत जारी कॉलेज छात्रों और युथ में बढ़ रही है। डीसीपी हरिनारायणचरी मिश्रा द्वारा आधिकारिक रूप से इस पर चिंता जताई गई है The Times of India।
  • पार्टी ड्रग MDMA की सप्लाईहाल ही में क्राइम ब्रांच ने गोविंदपुरा क्षेत्र में Saifuddin और Shahrukh नामक आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिन्होंने क्लब और जिम्स में पार्टी ड्रग MDMA सप्लाई की। 15.14 ग्राम MDMA बरामद हुआ, जिसकी बाज़ार में अनुमानित कीमत ₹3 लाख थी—और इसमें कुछ डॉक्टरों की संलिप्तता भी सामने आई है The Times of India|

इंदौर की स्थिति (Emerging hotspot):

  • मेफेड्रोन की बड़ी तस्करीअक्टूबर 2024 में धार, भोपाल और झाबुआ के बाद इंदौर में दो आरोपियों को एस्टिमेटेड ₹50 लाख मूल्य की मेफेड्रोन जब्त करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। बाद में अप्रैल 2025 में इंदौर पुलिस ने चार अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया और कुल 154 ग्राम मेफेड्रोन बरामद किया गया, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाज़ार मूल्य लगभग ₹1 करोड़ बताई गई ThePrint Hindi।
  • एल्प्राजोलम और कोडीन सिरप की सप्लाई नेटवर्कफरवरी 2025 में इंडोर क्राइम ब्रांच ने भोपाल‑आधारित एक थोक मेडिकल व्यापारी सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया, जिनके कब्जे से 9.30 लाख एल्प्राजोलम गोलियाँ और 5,240 बोतल कोडीन सिरप बरामद हुआ—इनकी बाज़ार अनुमानित कीमत अधिक ₹1 करोड़ थी Navbharat Times।
  • MD और ब्राउन शुगर के साथ गिरफ्तारियांफरवरी 2025 में अतिरिक्त DCP राजेश दंडोटिया ने बताया कि तीन अलग-अलग अभियान में कुल 80 ग्राम MD ड्रग्स और 20 ग्राम ब्राउन शुगर जब्त की गई। चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें बिहार, रतलाम और मंदसौर से जुड़े तस्कर शामिल थे ThePrint Hindi The Times of India।
  • MBA छात्र भी शामिल (सिंडिकेट का हिस्सा)भोपाल से जुड़े एक सिंडिकेट में इंदौर में गिरफ्तार सभी तस्करों में एक MBA छात्र भी शामिल था, जिसने तस्करी को तेज़ पैसों की राह माना था—यह अभियुक्त 53.96 ग्राम MD ड्रग्स लेकर आ रहा था, जिसकी अनुमानित कीमत ₹20 लाख थी|

ये घटनाएं स्पष्ट रूप से बताती हैं कि भोपाल और इंदौर दोनों अब ड्रग तस्करी के गंभीर हॉटस्पॉट बन चुके हैं। चाहे पारंपरिक गांजे से लेकर एलएसडी, एमडीएमए, मेफेड्रोन, एल्प्राजोलम, कोडीन सिरप, ब्राउन शुगर—हर स्तर पर तस्करी और नेटवर्क सक्रिय है।

  • भोपाल में तस्करों की सक्रियता, युवा वर्ग और छात्र जीवन तक ड्रग का पहुँचाने की कोशिशें, प्रतिष्ठित इलाकों में सिंथेटिक ड्रग्स के रैकेट, और बड़ी मात्रा में गांजा कब्जा इस गंभीरता को दर्शाते हैं।
  • इंदौर में अंतरराज्यीय तस्करी के पराग © टीएनपी, बड़े नेटवर्कों की पकड़, और मेडिकल ट्रेडर्स /MBA छात्रों की शमिलता संभावित बड़े अपराधिक नेटवर्क की पहचान करवाती है।

इन घटनाओं को देखते हुए सरकार, पुलिस और समाज को मिलकर न केवल उपभोक्ताओं पर नियंत्रण लाना होगा, बल्कि तस्करी नेटवर्क, आपूर्ति चैनलों और ऑनलाइन/डाक माध्यम से ड्रग की सप्लाई पर भी कड़ी नजर रखनी होगी।

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