कामना कासोटिया, भोपाल। आतंकवाद के खिलाफ भारत को एक और बड़ी कूटनीतिक जीत मिली है। अमेरिका ने पुलवामा हमले के गुनहगार आतंकी संगठन ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (TRF) को आतंकी संगठन घोषित कर दिया है। यह संगठन पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा हुआ है। अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने इस फैसले की घोषणा करते हुए साफ कहा कि TRF भारत में कई आतंकी हमलों में शामिल रहा है, जिसमें पुलवामा का भयानक हमला भी शामिल है।

अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कहा, “TRF को आतंकी संगठन घोषित करना आतंकवाद के खिलाफ हमारी वैश्विक लड़ाई का हिस्सा है। हम भारत के साथ मिलकर इस खतरे का सामना करेंगे।”

TRF का खौफनाक इतिहास

TRF की स्थापना साल 2019 में लश्कर-ए-तैयबा के एक नए रूप के तौर पर की गई थी, ताकि दुनिया की नजरों से बचा जा सके। इस संगठन ने कश्मीर में कई हमले किए हैं। इसमें भारतीय सुरक्षाबलों पर हमले से लेकर आम नागरिकों की हत्याएं भी शामिल हैं।

TRF का उद्देश्य

TRF का उद्देश्य भारत में अस्थिरता फैलाना है। पुलवामा हमले में 40 से ज्यादा सीआरपीएफ जवान शहीद हुए थे। इस हमले ने पूरे देश को हिला दिया था। भारत ने इस हमले के बाद पाकिस्तान के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक भी की थी। अमेरिका ने TRF को आतंकी संगठन घोषित करने के साथ ही पाकिस्तान के 13 अन्य आतंकी संगठनों पर भी बैन लगा रखा है।

इसमें लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद, हिजबुल मुजाहिदीन जैसे खतरनाक संगठन शामिल हैं। यह कदम पाकिस्तान के लिए बड़ा झटका है, क्योंकि ये सभी संगठन वहीं पनाह लिए हुए हैं।भारत की मेहनत लाई रंगभारत ने कई महीनों से अमेरिका पर दबाव बनाया था कि वह TRF को आतंकी संगठन घोषित करे। भारत सरकार ने अमेरिका को पक्के सबूत सौंपे थे कि TRF किस तरह से भारत में आतंकी गतिविधियां चला रहा है। तीन महीने की गहन बातचीत के बाद आखिरकार अमेरिका ने TRF को ब्लैकलिस्ट कर दिया।पूर्व राजनयिक और पाकिस्तान मामलों के जानकार विवेक कटजू ने कहा, “यह भारत की कूटनीतिक जीत है। अब भारत को बाकी देशों को भी TRF के खिलाफ खड़ा करना चाहिए।

क्या होगा इस फैसले का असर?

अमेरिका द्वारा TRF को आतंकी संगठन घोषित करने से इस पर कई तरह की पाबंदियां लग जाएंगी। इस संगठन की अमेरिका में कोई संपत्ति हो, तो उसे जब्त कर लिया जाएगा। अमेरिका में इसके किसी भी सदस्य को वीजा नहीं मिलेगा।इस संगठन को आर्थिक मदद देने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी। दूसरे देश भी अब TRF को गंभीरता से लेंगे और कार्रवाई करेंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका का यह कदम पाकिस्तान पर दबाव बनाएगा कि वह TRF और लश्कर जैसे संगठनों के खिलाफ कार्रवाई करे। संसद और पठानकोट हमले का मास्टरमाइंड मसूद अजहर अब भी पाकिस्तान मेंजहां एक ओर अमेरिका TRF जैसे संगठनों पर सख्ती कर रहा है, वहीं पाकिस्तान अब भी कई कुख्यात आतंकियों को पनाह दे रहा है। संसद और पठानकोट हमले का मास्टरमाइंड मसूद अजहर अब भी पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में आज़ाद घूम रहा है।

भारत ने कई बार पाकिस्तान से मसूद अजहर को सौंपने की मांग की, लेकिन पाकिस्तान टालता रहा है। मसूद अजहर जैश-ए-मोहम्मद का प्रमुख है, जो भारत में दर्जनों हमलों के लिए जिम्मेदार है। अमेरिका द्वारा TRF को आतंकी संगठन घोषित करना भारत की बड़ी कूटनीतिक कामयाबी है। यह कदम आने वाले समय में आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई को मजबूती देगा और पाकिस्तान पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ाएगा। भारत को इस जीत को और आगे ले जाना चाहिए, ताकि आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक मोर्चा और मजबूत हो।

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