रिपोर्ट रोहित रजक इंदौर/शिलॉन्ग
राजा रघुवंशी हत्याकांड में आए दिन नए मोड़ सामने आ रहे हैं। अब इस चर्चित मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है, जहां एक आरोपी शिलोम जेस को अदालत से जमानत मिल गई है।
इस खबर से पीड़ित परिवार में आक्रोश और दर्द का माहौल है। राजा की मां की हालत बिगड़ गई और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।

पूरे मामले की प्रमुख बातें इस प्रकार हैं:
राजा रघुवंशी की हत्या:
इंदौर के व्यापारी राजा रघुवंशी की हत्या के मामले में लोहकेंद्र तोमर, बलवीर और शिलोम जेस सहित कई लोग आरोपी हैं।
शिलोम जेस को मिली जमानत:
अदालत ने सबूत मिटाने के आरोपी शिलोम जेस को जमानत दे दी है, जिससे पीड़ित परिवार स्तब्ध है।
मां की तबीयत बिगड़ी:
जमानत की खबर मिलते ही राजा की मां उमा रघुवंशी की हालत बिगड़ गई और उन्हें आनन-फानन में अस्पताल में भर्ती करवाया गया।
परिवार की व्यथा:
उमा रघुवंशी ने कहा कि उन्हें रोज़ लगता है कि शायद उनका बेटा किसी तरह लौट आएगा। लेकिन अब उन्हें भरोसा टूटता दिख रहा है।
भाई ने जताई नाराजगी:
राजा के बड़े भाई सचिन रघुवंशी ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि अन्य आरोपियों को भी ज़मानत मिली तो पूरा परिवार आत्महत्या कर लेगा।
गोविंद की साजिश का आरोप:
परिवार का आरोप है कि गोविंद नामक व्यक्ति की योजना थी राजा और सोनम की शादी रुकवाकर उसकी शादी करवाने की। उसी ने आरोपियों को संरक्षण दिया है।
सरकारी लापरवाही का आरोप:
परिजनों ने बताया कि उन्होंने डेढ़ महीने से मृत्यु प्रमाणपत्र के लिए अधिकारियों से संपर्क किया, लेकिन अब तक कुछ नहीं मिला।
न्याय की गुहार:
परिजनों का कहना है कि यदि न्याय नहीं मिला और सभी आरोपी छूट गए, तो वे खुदकुशी जैसे कदम उठाने को मजबूर हो जाएंगे।
शिलॉन्ग सरकार को ठहराया जिम्मेदार:
चेतावनी में कहा गया है कि यदि आत्महत्या होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी शिलॉन्ग सरकार की होगी।
परिवार का दर्द शब्दों में:
“एक-एक आरोपी छूट रहा है, हमें डर है कि वे छूटकर हमारे परिवार को नुकसान पहुंचा सकते हैं। हमारी जान को खतरा है।” – सचिन रघुवंशी
“मैं हर रोज़ दरवाजे की ओर देखती हूं, कहीं मेरा राजा लौट आए, लेकिन वह तो अब कभी नहीं आएगा…” – उमा रघुवंशी (मां)
क्या है परिवार की मांग?
सभी आरोपियों की गिरफ्तारी हो
केस की फास्ट ट्रैक सुनवाई हो
राजनीतिक दबाव खत्म किया जाए
मृतक के परिवार को सुरक्षा दी जाए
दोषियों को जल्द सजा मिले
फिलहाल स्थिति:
शिलोम जेस की जमानत से मामला और भी संवेदनशील हो गया है। अब देखना होगा कि प्रशासन और अदालतें इस केस में आगे क्या रुख अपनाती हैं।
