रोहित रजक, भोपाल: मध्यप्रदेश की राजधानी एक बार फिर बारिश के बाद बदहाल सड़कों की वजह से सुर्खियों में आ गया है। इस बार शहर के सबसे व्यस्त क्षेत्रों में से एक एमपी नगर के महाराणा प्रताप नगर चौराहे के पास एक बड़ी दुर्घटना जैसी स्थिति सामने आई है। भारी बारिश के बाद यहाँ की एक व्यस्त सड़क अचानक धंस गई, जिससे वहाँ करीब 10 फीट गहरा और खतरनाक गड्ढा बन गया।
स्थानीय लोगों और मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह सड़क भोपाल की सबसे ज्यादा इस्तेमाल की जाने वाली सड़कों में से एक है, जहां दिनभर हजारों वाहन गुजरते हैं। बताया गया है कि सड़क के नीचे एक पुराना नाला बह रहा है, जो समय के साथ कमजोर हो चुका था। लगातार हो रही बारिश के चलते जमीन की सतह नीचे से धंसने लगी और अंततः पूरी सड़क ही बैठ गई।
स्थानीय प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस मौके पर पहुंची
गड्ढा बनने की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस मौके पर पहुंची और इलाके को चारों तरफ से घेर दिया गया ताकि कोई वाहन या व्यक्ति दुर्घटनाग्रस्त न हो। गनीमत रही कि घटना के वक्त कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ और समय रहते लोगों को रास्ता बदलने की सूचना दे दी गई।जानकारी के अनुसार यह सड़क लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधीन आती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह गड्ढा अचानक नहीं बना, बल्कि नाले के लगातार रिसाव और वर्षों से देखरेख की कमी की वजह से यह स्थिति उत्पन्न हुई है। लोगों का यह भी कहना है कि बारिश से पहले इस सड़क की स्थिति ठीक थी, लेकिन जलभराव और खराब ड्रेनेज व्यवस्था के कारण जमीन अंदर से खोखली हो गई और यह हादसा हो गया।
स्थानीय दुकानदारों और ऑफिस कर्मियों में नाराजगी देखने को मिली। उनका कहना है कि प्रशासन सिर्फ बारिश के वक्त ही जागता है, जबकि बारिश से पहले ही सभी कमजोर सड़कों की मरम्मत होनी चाहिए थी। ट्रैफिक जाम और असुविधा की वजह से रोजमर्रा की ज़िंदगी प्रभावित हो रही है।
इस हादसे ने एक बार फिर शहर की विकास योजनाओं और बुनियादी ढांचे की पोल खोल दी है। नगर निगम और पीडब्ल्यूडी को तुरंत इस इलाके में मरम्मत कार्य शुरू करने और सड़क के नीचे बहने वाले नालों की समय-समय पर जांच करने की ज़रूरत है। यदि समय रहते मरम्मत नहीं की गई, तो यह गड्ढा और बड़ा हो सकता है और जान-माल का नुकसान भी हो सकता है।
यह घटना न केवल भोपाल के लिए चेतावनी है, बल्कि प्रदेश के अन्य शहरों के लिए भी एक सबक है कि बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी आखिरकार जनता की जान को जोखिम में डाल देती है। जनता अब जवाब चाहती है क्या हर बारिश के बाद सड़कें यूं ही धंसती रहेंगी या इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाएगा?
