गीता राय, मध्य प्रदेश: इंदौर शहर एक बार फिर से देश का सबसे स्वच्छ शहर बन गया है। स्वच्छता सर्वेक्षण 2024-25 के तहत जारी रैंकिंग में इंदौर ने लगातार आठवीं बार पहला स्थान हासिल करके इतिहास रच दिया है। इस वर्ष के सर्वेक्षण में इंदौर ने 10 लाख से अधिक जनसंख्या वाले शहरों की “सुपर स्वच्छ लीग सिटीज” कैटेगरी में अव्वल स्थान प्राप्त किया। इसके साथ ही सूरत और पुणे जैसे बड़े शहर भी इस रेस में शामिल थे, लेकिन इंदौर ने सभी को पीछे छोड़ते हुए फिर बाज़ी मार ली।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने किया सम्मानित
द्रौपदी मुर्मू ने विज्ञान भवन, नई दिल्ली में आयोजित एक समारोह में इंदौर नगर निगम के प्रतिनिधियों को यह पुरस्कार प्रदान किया। इस अवसर पर कैलाश विजयवर्गीय ने इंदौर की ओर से यह सम्मान ग्रहण किया। यह पुरस्कार आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय (MOHUA) द्वारा आयोजित किया गया था, जिसमें 4500 से अधिक शहरों ने भाग लिया।
स्वच्छता सर्वेक्षण के तहत 10 प्रमुख मापदंडों और 54 इंडीकेटर्स के आधार पर शहरों का मूल्यांकन किया गया। इस बार “स्मार्ट विजन” को अपनाते हुए, सर्वेक्षण में आम जनता की भागीदारी को विशेष महत्व दिया गया। केंद्र सरकार द्वारा हर वर्ष आयोजित किए जाने वाले इस सर्वेक्षण का यह 9वां संस्करण था।
इस बार खास बात यह रही कि सर्वेक्षण के अंतर्गत एक नई “स्वच्छता प्रीमियर लीग” की शुरुआत की गई। इसमें उन 14 शहरों को शामिल किया गया है जो लगातार तीन वर्षों से टॉप थ्री में रहे हैं। इनमें इंदौर, सूरत, नवी मुंबई, चंडीगढ़, नोएडा, तिरुपति, अंबिकापुर, उज्जैन, पंचगनी, सासवड़, वीटा और बुधनी जैसे शहर शामिल हैं। इस लीग में शहरों को 12,500 अंकों के आधार पर परखा गया और जो शहर 85 प्रतिशत अंक नहीं ला पाएंगे, उन्हें लीग से बाहर कर दिया जाएगा।
इंदौर के अलावा अन्य शहरों ने भी स्वच्छता में किया अच्छा प्रदर्शन
इंदौर के अलावा अन्य शहरों ने भी स्वच्छता में अच्छा प्रदर्शन किया है। 3 से 10 लाख जनसंख्या वाले शहरों में नोएडा ने पहला स्थान पाया, जबकि चंडीगढ़ और मैसूर क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। वहीं, 50 हजार से 3 लाख जनसंख्या वाले शहरों में नई दिल्ली नगर निगम क्षेत्र ने बाजी मारी, जबकि देवास, करहद और करनाल को विशेष पुरस्कार दिए गए।
इंदौर की सफलता के पीछे नागरिकों की जागरूकता, प्रशासन की सजगता और जनभागीदारी की अहम भूमिका रही है। यह शहर न केवल अपने लिए बल्कि पूरे देश के लिए एक “रोल मॉडल” बन चुका है। स्वच्छता प्रीमियर लीग के अंतर्गत अब इंदौर की जिम्मेदारी है कि वह अन्य शहरों को भी स्वच्छता का प्रशिक्षण दे जो वह पहले से करता आ रहा है। स्वच्छता में लगातार शीर्ष पर रहने के कारण इंदौर का हौसला और बढ़ा है और अब उसकी नज़र भविष्य की नई ऊंचाइयों पर है।
