रोहित रजक रिपोर्ट भोपाल। 16 जुलाई को विश्व सर्प दिवस के अवसर पर मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में सर्पदंश (सांप के काटने) से बचाव के लिए एक अनूठी पहल की शुरुआत की गई है। अब बच्चों को सांप-सीढ़ी जैसे पारंपरिक खेल के माध्यम से सर्पदंश से बचने की जानकारी दी जाएगी। स्वास्थ्य विभाग और गैर-सरकारी संस्थाएं मिलकर इस जागरूकता अभियान को चला रही हैं।

इस अनोखी पहल के तहत बच्चों को स्कूलों में सर्पदंश से जुड़ी सावधानियों, प्राथमिक उपचार और अस्पताल पहुंचने के तरीकों की जानकारी दी जाएगी। यह जानकारी उन्हें खेल-खेल में सांप-सीढ़ी के जरिए मिलेगी, जिससे वे इसे आसानी से समझ सकें और याद भी रख सकें।

हर साल 3,000 से ज्यादा मौतें

मध्यप्रदेश में हर साल सांप के काटने से तीन हजार से अधिक लोगों की मौत हो जाती है। सबसे ज्यादा मामले बरसात के मौसम में सामने आते हैं, जब सांप बाहर निकलकर इंसानों के संपर्क में आते हैं। यही कारण है कि जुलाई से सितंबर तक सर्पदंश के मामलों में तेजी देखी जाती है।

स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि ग्रामीण इलाकों में लोगों को सर्पदंश के बाद समय पर सही उपचार नहीं मिल पाता, जिससे मौतें होती हैं। इसलिए स्कूलों और ग्रामीण समुदायों में जागरूकता अभियान चलाने का फैसला लिया गया है।

राजधानी में नहीं मिलता सटीक आंकड़ा

भोपाल में अब तक सर्पदंश के मामलों का कोई स्पष्ट आंकड़ा सामने नहीं आ सका है, क्योंकि लोग छोटे निजी क्लीनिकों या झोलाछाप डॉक्टरों के पास इलाज करवा लेते हैं और ऐसे मामले स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड में नहीं आते। कई बार समय पर इलाज नहीं मिलने से जहर शरीर में फैल जाता है और जान चली जाती है।

यह है सांप-सीढ़ी से सीख

खास तौर पर डिजाइन किया गया यह सांप-सीढ़ी का खेल सामान्य खेल से अलग है। इसमें हर साँप के मुंह पर एक गलती लिखी गई है जैसे “सांप को मारना”, “झाड़-फूंक में समय गंवाना”, “अस्पताल देर से पहुँचना”, आदि। वहीं सीढ़ियों पर लिखे हैं- “तुरंत अस्पताल जाना”, “108 एम्बुलेंस बुलाना”, “फर्स्ट एड देना”, आदि। इस तरह बच्चे खेल-खेल में यह सीखेंगे कि किन बातों से बचना है और क्या करना है।

यह सर्पदंश प्रभावित जिले

प्रदेश में रीवा, सतना, पन्ना, सिंगरौली, अनूपपुर, डिंडोरी, शहडोल, कटनी, मंडला, बालाघाट, दमोह, छतरपुर, सागर, विदिशा, रायसेन, सीहोर, उज्जैन, रतलाम, धार, खरगोन, झाबुआ, श्योपुर, शिवपुरी, ग्वालियर और भिंड जिलों में सर्पदंश के अधिक मामले सामने आते हैं।

सावधानी ही बचाव

ऊँची और अंधेरी घास में न जाएं।
हाथ-पैर ढककर रखें।
सांप के काटने पर घबराएं नहीं, झाड़-फूंक में समय न गवाएं।
तुरंत 108 एम्बुलेंस या नजदीकी अस्पताल पहुंचें।
मरीज को शांत रखें और बिना हिलाए अस्पताल ले जाएं।

प्रमुख सर्प विशेषज्ञों की सूची (भोपाल)

सलीम भाई (टीटी नगर) – 9425600658
ओमप्रकाश जाटव (लालघाटी) – 9839098483
शाहिद मियां (बैरसिया) – 9862911176
रईस मिर्जा (गांधी नगर) – 9826932670
दिनेश अग्रवाल (शाहपुरा) – 9427242258
नसीर मिर्जा (गोविंदपुरा) – 9424384354
अमन खान (अशोका गार्डन) – 9826303224
दिलशाद खान (बजरिया) – 7582840034
आसिफ खान (नया बस स्टैंड) – 7999319147
हीरा लाल (टीला जमालपुरा) – 7869455779
यह वर्ष की थीम – “सम्मान करें, डरे नहीं”

यह वर्ष की थीम – “सम्मान करें, डरे नहीं”

विश्व सर्प दिवस 2025 की थीम है – “सम्मान करें, डरे नहीं” (Respect, Not Fear)। इस थीम के जरिए यह संदेश दिया जा रहा है कि सांपों को मारना नहीं चाहिए, बल्कि उनसे सावधानी से दूरी बनाना चाहिए। साथ ही यह भी बताया जा रहा है कि सांपों का भी पर्यावरण में अहम योगदान होता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *