ऋषिता गंगराड़े

तेजी से शहरीकरण और सीमित होती हरियाली के बीच अब शहरों में भी खेती का एक नया अध्याय शुरू हो चुका है। जहाँ कभी छतें सिर्फ पानी की टंकी या कबूतरों का बसेरा होती थीं, आज वहीं छतें जैविक सब्ज़ियों और ताज़े फलों की खेती का घर बन चुकी हैं। इसे ही कहते हैं अर्बन फार्मिंग, यानी शहरी खेती — जो न सिर्फ पर्यावरण के लिए लाभकारी है, बल्कि आत्मनिर्भरता की दिशा में भी एक सशक्त कदम है।

  1. अर्बन फार्मिंग का बढ़ता चलन: महंगे सब्ज़ियों और मिलावटभरे खानपान के दौर में लोग अब घर की छतों पर टोमैटो, पालक, धनिया, मिर्च, लेट्यूस, स्ट्रॉबेरी जैसी चीजें उगाना शुरू कर चुके हैं। यह चलन विशेष रूप से महानगरों में तेज़ी से बढ़ा है जहाँ जगह की कमी के बावजूद लोग वर्टिकल गार्डनिंग, हाइड्रोपोनिक्स, और पॉट गार्डनिंग जैसे उपायों से अपने छोटे-से स्थान में हरियाली ला रहे हैं।
  2. फायदे अनेक: (1) स्वास्थ्यवर्धक भोजन: घर की जैविक उपज में कीटनाशकों और रसायनों का प्रयोग नहीं होता। (2) पर्यावरण संरक्षण: ये छोटे बागान प्रदूषण को घटाते हैं तापमान को नियंत्रित करते हैं। (3) मानसिक स्वास्थ्य: पौधों से जुड़ाव तनाव कम करता है और मानसिक शांति देता है। (4) आर्थिक लाभ: बाजार पर निर्भरता कम होती है और कुछ लोग अपनी उपज बेचकर कमाई भी कर रहे हैं।
  3. चुनौतियाँ और समाधान: अर्बन फार्मिंग की राह में कुछ चुनौतियाँ भी हैं, जैसे सीमित स्थान, पानी की कमी, और समय की कमी।लेकिन नई तकनीकों और जागरूकता से ये बाधाएँ कम हो रही हैं। कई स्टार्टअप और विशेषज्ञ अब ‘किचन गार्डन किट’, ‘ऑर्गेनिक फर्टिलाइज़र’, और ऑनलाइन ट्रेनिंग प्रदान कर रहे हैं।
  4. सरकार और संस्थाओं की भूमिका: कई नगरपालिकाएं अब अर्बन फार्मिंग को बढ़ावा देने के लिए सब्सिडी, मुफ्त पौधे, और प्रशिक्षण कार्यक्रम चला रही हैं। स्कूलों और कॉर्पोरेट ऑफिसों में भी इसे शामिल किया जा रहा है ताकि आने वाली पीढ़ियाँ प्रकृति से जुड़ें।

अर्बन फार्मिंग केवल एक शौक नहीं, यह एक हरित क्रांति है जो हमारे भोजन, पर्यावरण और जीवनशैली को बेहतर बनाने की दिशा में क्रांतिकारी कदम है। यह नारा अब और भी सार्थक हो चुका है –
“हर छत बने खेत, हर घर बने आत्मनिर्भर।”

संभावित स्रोत (References) जो लेख में जोड़े जा सकते हैं:

  1. भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR)
    https://icar.org.in
  2. National Institute of Urban Affairs (NIUA)
  3. Terrace Garden Clubs in India (जैसे – Bengaluru Organic Terrace Gardening)https://organicterrace.in
  4. Down to Earth Magazine (Centre for Science and Environment)https://www.downtoearth.org.in

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